Delhi में NEET पेपर लीक को लेकर बवाल, कनॉट प्लेस और राजीव चौक पर भारी जाम, पुलिस के साथ झड़प
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का प्रदर्शन उग्र हो गया। 20 जुलाई 2026 को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का प्रदर्शन उग्र हो गया। 20 जुलाई 2026 को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और कनॉट प्लेस तक पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में भारी जाम लग गया और हंगामे की स्थिति बन गई।
यह आंदोलन 6 जून 2026 से जंतर-मंतर पर चल रहा है, जिसमें परीक्षा प्रणाली की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने जब संसद की ओर मार्च किया, तो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विजय चौक के पास पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और संसद भवन के गेट बंद कर दिए गए। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू की गई थी।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत पांच स्टेशनों को बंद रखा था। इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही, बशर्ते सरकार शिक्षा प्रणाली की विफलताओं की जवाबदेही ले या सांसद इस मुद्दे को संसद में उठाएं।
इस हंगामे का असर संसद के भीतर भी दिखा। राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया, जिसके कारण दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जांच और सुधारात्मक उपायों के जरिए जवाबदेही तय करने की बात कही है।