Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले एक बड़े एडमिशन स्कैम का भंडाफोड़ किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब गुजरात पुलिस ने दिल्ली पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी दी। इस गिरोह ने ग
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले एक बड़े एडमिशन स्कैम का भंडाफोड़ किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब गुजरात पुलिस ने दिल्ली पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी दी। इस गिरोह ने गुजरात के कई छात्रों और उनके माता-पिता को झांसा देकर लाखों रुपये ठगे और छात्रों को दिल्ली बुलाकर अलग-अलग जगहों पर रखा था।
कैसे काम करता था यह फर्जीवाड़ा और कौन हुए गिरफ्तार
इस घोटाले का मुख्य आरोपी संतोष कुमार Jaiswal है, जो बिहार का रहने वाला है और एक पैथोलॉजी लैब चलाता है। उसके साथ सूरत का ब्रोकर विनोद भाई बीका भाई पटेल भी शामिल था, जो गुजरात से छात्रों को ललचाकर लाता था। पुलिस ने गाजियाबाद के एक फ्लैट से संतोष, विनोद पटेल के अलावा संत प्रताप सिंह और डॉक्टर अखलाक आलम को गिरफ्तार किया है। ये लोग परिवारों से MBBS एडमिशन के नाम पर 20 से 30 लाख रुपये की मांग करते थे।
छात्रों को कैसे फंसाया गया और क्या मिला बरामद
आरोपी विनोद पटेल ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि वह परीक्षा से ठीक एक दिन पहले संभावित प्रश्न उपलब्ध कराएगा। इस लालच में 18 छात्र, जिनमें कुछ नाबालिग भी थे, अपने अभिभावकों से दूर दिल्ली आ गए। पुलिस ने इन छात्रों को महिपालपुर के होटलों और गाजियाबाद के एक फ्लैट से रेस्क्यू किया। तलाशी के दौरान पुलिस को 149 पन्नों के फर्जी प्रश्न-उत्तर दस्तावेज, तीन साइन किए हुए ब्लैंक चेक और अन्य सबूत मिले। जांच में पता चला कि ये प्रश्न पत्र पुराने सालों के पेपर और कोचिंग संस्थानों के कंटेंट से बनाए गए थे।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
DCP क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और 3(5) के तहत FIR नंबर 110/2026 दर्ज की गई है। यह केस धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। रेस्क्यू किए गए सभी छात्रों की काउंसलिंग की गई और उन्हें NEET परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। फिलहाल चारों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बिचौलियों का पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस घोटाले में आरोपियों ने छात्रों से कितने पैसे मांगे थे?
गिरफ्तार आरोपियों ने MBBS में गारंटीड एडमिशन दिलाने के नाम पर पीड़ित परिवारों से 20 से 30 लाख रुपये की मांग की थी।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान क्या-क्या सबूत जब्त किए?
पुलिस ने 149 पन्नों के फर्जी प्रश्न-उत्तर दस्तावेज, तीन साइन किए हुए ब्लैंक चेक और अन्य आपत्तिजनक सबूत जब्त किए हैं।