Delhi: दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने NDMC के एक सीनियर असिस्टेंट और दो निजी व्यक्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स मामले में बरी कर दिया है। यह मामला टैक्स असेसमेंट में गड़बड़ी और रिश्वत लेने के आरोपों से जुड़ा था। कोर्ट ने सीब
Delhi: दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने NDMC के एक सीनियर असिस्टेंट और दो निजी व्यक्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स मामले में बरी कर दिया है। यह मामला टैक्स असेसमेंट में गड़बड़ी और रिश्वत लेने के आरोपों से जुड़ा था। कोर्ट ने सीबीआई की कार्रवाई में कई कमियां पाईं, जिसके बाद तीनों आरोपियों को राहत मिली है।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट का फैसला
यह मामला गोल मार्केट के शहीद भगत सिंह मार्ग पर स्थित एक कमर्शियल प्रॉपर्टी के टैक्स असेसमेंट से जुड़ा था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि टैक्स इंस्पेक्टर राजीव चंदोक ने इस काम के लिए रिश्वत ली थी। 6 सितंबर 2018 को सीबीआई ने पालिका केंद्र ऑफिस में एक ट्रैप लगाया था। लेकिन 12 मई 2026 को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राजीव चंदोक, हरविंदर सिंह और आशु झिंगन को बरी कर दिया।
कोर्ट ने बरी करने के क्या कारण बताए
जज संजय जिंदल ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई की ट्रैप प्रोसीडिंग्स में गंभीर खामियां थीं। कोर्ट ने पाया कि गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास था और स्वतंत्र गवाहों का समर्थन नहीं मिला। सबूतों की कमी और जांच में कई गलतियां होने की वजह से कोर्ट ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
- बरी हुए लोग: राजीव चंदोक (NDMC टैक्स इंस्पेक्टर), हरविंदर सिंह और आशु झिंगन।
- जांच एजेंसी: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI)।
- कोर्ट: स्पेशल सीबीआई कोर्ट, राउज एवेन्यू, दिल्ली।
- मुख्य कारण: सबूतों की कमी और ट्रैप कार्यवाही में खामियां।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NDMC टैक्स इंस्पेक्टर को किस मामले में बरी किया गया है
राजीव चंदोक को गोल मार्केट स्थित एक कमर्शियल प्रॉपर्टी के टैक्स असेसमेंट में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के मामले में बरी किया गया है।
कोर्ट ने आरोपियों को बरी क्यों किया
कोर्ट ने पाया कि सीबीआई की ट्रैप कार्यवाही में गंभीर कमियां थीं, गवाहों के बयानों में अंतर था और पुख्ता सबूतों की कमी थी।