Delhi: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने वालों पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। New Delhi Municipal Council (NDMC) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया है कि जनवरी 2026 से अब तक ऐसे 76 लोगों क
Delhi: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने वालों पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। New Delhi Municipal Council (NDMC) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया है कि जनवरी 2026 से अब तक ऐसे 76 लोगों के चालान काटे गए हैं। यह कार्रवाई शहर में गंदगी फैलाने और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को रोकने के लिए की जा रही है।
कितने चालान कटे और क्या है जुर्माना
NDMC की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग समय पर चालान जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जा रहा है।
| महीना |
काटे गए चालान की संख्या |
| जनवरी 2026 |
23 |
| फरवरी 2026 |
14 |
| मार्च 2026 |
39 |
| कुल |
76 |
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज 2017 के तहत सड़क, चौराहे और सार्वजनिक जमीनों पर कबूतरों को दाना खिलाना अपराध है। ऐसा करने वालों से 500 रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना वसूला जा रहा है।
कबूतरों को दाना खिलाने से क्या खतरा है
यह पूरा मामला अरमान पल्लीवाल नाम के एक छात्र की याचिका के बाद गरमाया है। याचिका में कहा गया कि कबूतरों की बीट से फुटपाथ और ट्रैफिक आइलैंड गंदे हो जाते हैं। जब इन बीटों को साफ किया जाता है, तो सूखे कण हवा में मिलकर फेफड़ों की गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
- डॉक्टरों के मुताबिक कबूतरों की बीट में बैक्टीरिया और फंगस होते हैं।
- इससे सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों में सूजन (fibrosis) जैसी समस्या हो सकती है।
- यह एलर्जी और गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
प्रशासन और अन्य संस्थाओं की तैयारी
NDMC के साथ-साथ Municipal Corporation of Delhi (MCD) भी इस पर एक्शन ले रही है। MCD के सैनिटेशन विभाग ने फरवरी 2026 में नजफगढ़ और सेंट्रल जोन में 20 चालान काटे थे। प्रशासन अब लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का सहारा ले रहा है और एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रहा है।
NDMC ने यह भी बताया कि उन्होंने बंदरों को सार्वजनिक जगहों पर खाना खिलाने के लिए 4 चालान काटे हैं। सफाई कर्मचारियों की टीम अब नियमित रूप से उन जगहों की निगरानी कर रही है जहां लोग पक्षियों को दाना डालते हैं और वहां रोज सफाई की जा रही है।