Delhi: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और दिल्ली पुलिस ने मंगलवार, 12 मई 2026 को एक अहम बैठक की। इस मीटिंग का मकसद राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करना और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना था। बैठक की अध्यक्षता NCW अध्य
Delhi: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और दिल्ली पुलिस ने मंगलवार, 12 मई 2026 को एक अहम बैठक की। इस मीटिंग का मकसद राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करना और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना था। बैठक की अध्यक्षता NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की, जिसमें दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा और कई जिलों के डीसीपी शामिल हुए।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों का निपटारा जल्द होना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर पीछा करने (stalking) वाले मामलों में सख्त कार्रवाई की बात कही, क्योंकि ऐसे मामले आगे चलकर बड़े अपराध का रूप ले सकते हैं। साथ ही, घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस और संरक्षण अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर मदद मिल सके।
साइबर अपराध और पुलिस की नई पहल
साइबर क्राइम को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी साझा की। अब इंटरनेट से आपत्तिजनक या अश्लील सामग्री हटाने का समय 36 घंटे से घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने बताया कि महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराना आसान बनाने के लिए नए महिला थाने खोलने पर काम चल रहा है। बैठक में भीड़भाड़ वाले इलाकों और अंधेरे स्थानों की पहचान की गई ताकि वहां सुरक्षा बढ़ाई जा सके।
पुलिस बल में बदलाव और जागरूकता अभियान
बैठक में इस बात की तारीफ की गई कि दिल्ली पुलिस में महिला अधिकारियों की संख्या 9 प्रतिशत से बढ़कर अब 20 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, सादे कपड़ों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों के ‘शिष्टाचार’ अभियान और स्कूली बच्चों को जागरूक करने वाले ‘निर्भीक’ प्रोग्राम की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने साल 2024-25 के दौरान महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन अपराधों और उनमें किशोरों की बढ़ती भागीदारी पर भी चर्चा की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर अपराधों के मामले में अब क्या बदलाव आया है?
दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सुधार के जरिए ऑनलाइन आपत्तिजनक सामग्री हटाने की समय-सीमा को 36 घंटे से घटाकर अब लगभग 3 घंटे कर दिया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस कौन से नए अभियान चला रही है?
पुलिस ‘शिष्टाचार’ अभियान के तहत सादे कपड़ों में महिला कर्मियों को तैनात करती है और ‘निर्भीक’ कार्यक्रम के जरिए स्कूली बच्चों को यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूक किया जा रहा है।