Delhi: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपनी ‘क्राइम इन इंडिया’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दिल्ली में चोरी के मामलों की चौंकाने वाली संख्या सामने आई है। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली म
Delhi: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपनी ‘क्राइम इन इंडिया’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दिल्ली में चोरी के मामलों की चौंकाने वाली संख्या सामने आई है। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हर दिन लगभग 497 चोरी की वारदातें दर्ज की गईं, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
दिल्ली में चोरी के आंकड़े क्या कहते हैं?
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में चोरी के जितने मामले दर्ज हुए, उनमें से करीब तीन-चौथाई मामले अकेले दिल्ली में सामने आए। साल 2024 में संपत्ति के खिलाफ कुल 2,80,867 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से चोरी सबसे बड़ा अपराध रहा। चोरी के कुल 2,46,882 मामले दर्ज हुए, जो संपत्ति संबंधी अपराधों का 87.9% हिस्सा है।
अपराधों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
हालांकि 2024 के आंकड़े चिंताजनक हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुधार के दावे किए हैं। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 2025 में चोरी और सेंधमारी के मामलों में कमी आई है। पुलिस ने इसके लिए गश्त बढ़ाई, CCTV और ANPR कैमरों का जाल बिछाया और लोगों के बीच जागरूकता बैठकें की हैं।
संपत्ति संबंधी अपराधों में कितनी कमी आई?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले ‘संपत्ति के खिलाफ अपराधों’ (offences against property) में कुल मिलाकर 14.4% की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि बढ़ी हुई विजिबिलिटी और बेहतर पेट्रोलिंग की वजह से अपराधियों में डर बढ़ा है, जिससे अपराध दर में कमी आई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NCRB रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में रोजाना कितनी चोरियां होती हैं?
NCRB की ‘क्राइम इन इंडिया’ रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली में हर दिन औसतन 497 चोरी के मामले दर्ज किए गए।
देश की कुल चोरियों में दिल्ली का हिस्सा कितना है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दर्ज चोरी के कुल मामलों में से लगभग तीन-चौथाई (75%) मामले अकेले दिल्ली में दर्ज हुए हैं।