Delhi: दिल्ली-एनसीआर में अब महिलाएं सिर्फ सुरक्षा पा नहीं रहीं, बल्कि सुरक्षा दे भी रही हैं। शहर में करीब 2,500 महिला बाउंसर तैनात हैं जो क्लब, पब और सदर बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोर्चा संभाल रही हैं। ये महिला
Delhi: दिल्ली-एनसीआर में अब महिलाएं सिर्फ सुरक्षा पा नहीं रहीं, बल्कि सुरक्षा दे भी रही हैं। शहर में करीब 2,500 महिला बाउंसर तैनात हैं जो क्लब, पब और सदर बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोर्चा संभाल रही हैं। ये महिलाएं अपनी चुनौतियों से लड़ने और एक-दूसरे की मदद के लिए अब अपना सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही हैं।
महिला बाउंसरों का सपोर्ट सिस्टम और ‘नारी शक्ति’ ग्रुप
दिल्ली-एनसीआर की महिला बाउंसरों ने एकजुट होने के लिए ‘नारी शक्ति’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप में फिलहाल 208 सदस्य हैं जो एक-दूसरे को काम और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देती हैं। मेहरुन्निसा शौकत अली और काजल जैसी महिला बाउंसर इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी हैं। त्योहारों के समय सदर बाजार जैसे इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने और चोरी रोकने में इनकी अहम भूमिका रहती है।
दिल्ली सरकार और पुलिस के सुरक्षा नियम क्या हैं
महिलाओं की सुरक्षा और काम करने की स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं:
- नाइट शिफ्ट: दिल्ली सरकार ने 29 जुलाई 2025 को महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी, लेकिन इसके लिए सुरक्षा के सख्त नियम बनाए गए हैं।
- सुरक्षित वापसी: 13 दिसंबर 2025 की सलाह के मुताबिक, अगर कोई महिला कर्मचारी देर तक ऑफिस रुकती है, तो उसे सुरक्षित घर पहुँचाना उसके रिपोर्टिंग अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।
- शिष्टचार स्क्वाड: दिल्ली पुलिस ने हर जिले में ‘शिष्टचार स्क्वाड’ बनाने का फैसला किया है, जिसका नेतृत्व एसीपी क्राइम अगेंस्ट वीमेन करेंगी।
महिला सुरक्षा के लिए उपलब्ध अन्य सरकारी सुविधाएं
| पहल/संस्था |
मुख्य कार्य/सुविधा |
| पिंक पेट्रोलिंग और हिम्मत प्लस ऐप |
सड़कों पर गश्त और आपातकालीन मदद |
| महिला सुरक्षा प्रभाग (MHA) |
सुरक्षा नियमों को मजबूत करना और त्वरित न्याय |
| NCW ऑडिट सर्वेक्षण |
20 शहरों में कार्यस्थलों पर सुरक्षा का मूल्यांकन |
| POSH एक्ट 2013 |
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम |