Delhi: दिल्ली-NCR में मौसम के बदलते मिजाज ने बच्चों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। अस्पतालों में ऐसे कई मामले आ रहे हैं जहाँ बच्चों को तेज बुखार, उल्टी और गंभीर डिहाइड्रेशन की शिकायत है। चिंता की बात यह है कि जब तक लक्षण स
Delhi: दिल्ली-NCR में मौसम के बदलते मिजाज ने बच्चों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। अस्पतालों में ऐसे कई मामले आ रहे हैं जहाँ बच्चों को तेज बुखार, उल्टी और गंभीर डिहाइड्रेशन की शिकायत है। चिंता की बात यह है कि जब तक लक्षण साफ होते हैं, तब तक स्थिति काफी गंभीर हो जाती है।
बच्चों में क्या हैं खतरे के लक्षण और एक्सपर्ट की सलाह
मैक्योर अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय के जैन ने बताया कि छोटे बच्चे और नवजात शरीर के तापमान को बड़ों की तरह कंट्रोल नहीं कर पाते। अगर बच्चा बहुत ज्यादा सो रहा हो, उसकी आंखें धंसी हुई लगें, मुंह सूखा रहे या रोने पर आंसू न आएं, तो यह खतरे की घंटी है। एम्स दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. शेफाली गुलाटी ने सलाह दी है कि बच्चों को बार-बार कम चीनी वाले तरल पदार्थ दें और उन्हें ढीले व आरामदायक कपड़े पहनाएं।
मौसम का हाल और सरकारी गाइडलाइंस
IMD के मुताबिक 5 मई को बारिश और तेज हवाओं से राहत मिली थी, लेकिन 6 मई से तापमान फिर बढ़ेगा। 8 से 10 मई के बीच गर्मी 38-39 डिग्री सेल्सियस तक जा सकती है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए ‘वॉटर बेल’ गाइडलाइन जारी की है, ताकि हर 45-60 मिनट में बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके।
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी बातें
मैक्स अस्पताल के डॉ. प्रवीण मखीजा ने कहा कि इंसान का शरीर 44-45 डिग्री तापमान सहन नहीं कर सकता। उन्होंने बच्चों को ठंडी जगह रखने और स्कूल बसों में AC की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अभिभावकों को चेतावनी दी है कि बच्चों को तेज धूप में खेलने से रोकें और हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बच्चों में डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण क्या हैं?
डॉक्टरों के अनुसार, यदि बच्चा बहुत सुस्त हो, उसकी आंखें धंसी हुई लगें, मुंह सूखा रहे, रोते समय आंसू न आएं या शिशुओं में दिन में 6 बार से कम पेशाब हो, तो यह गंभीर डिहाइड्रेशन के संकेत हैं।
दिल्ली के स्कूलों के लिए सरकार ने क्या नियम बनाए हैं?
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में हर 45-60 मिनट में ‘वॉटर बेल’ बजाने का निर्देश दिया है ताकि बच्चे पर्याप्त पानी पिएं और तेज गर्मी में बाहर की फिजिकल एक्टिविटी से बचें।