Delhi-NCR का बदलेगा चेहरा, 4 नए ‘नमो शहर’ और 30 मिनट की कनेक्टिविटी का मास्टर प्लान तैयार

Delhi-NCR: दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। सरकार ने ‘क्षेत्रीय योजना 2041’ तैयार की है, जिसका मकसद बढ़ती आबादी को संभालना और शहरों के बीच की दूरी को कम करना है।

Delhi-NCR: दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। सरकार ने ‘क्षेत्रीय योजना 2041’ तैयार की है, जिसका मकसद बढ़ती आबादी को संभालना और शहरों के बीच की दूरी को कम करना है। इस प्लान के तहत चार नए आधुनिक शहर बसाए जाएंगे, जिन्हें ‘नमो शहर’ कहा जाएगा।

मंगलवार, 16 जून 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश व राजस्थान के शहरी विकास मंत्री मौजूद थे। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि 2041 तक इस क्षेत्र की आबादी बढ़कर 11 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिसे देखते हुए बुनियादी ढांचे और परिवहन को बेहतर बनाना जरूरी है।

इस पूरी योजना की खास बातें नीचे दी गई तालिका में समझें:

मुख्य बिंदु विवरण
नमो शहर 4 नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित होंगे, जिनके लिए ₹5,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं
कनेक्टिविटी RRTS और सुपरफास्ट ट्रेनों के जरिए ’30 मिनट एनसीआर’ का लक्ष्य
क्षेत्रफल दिल्ली और तीन राज्यों के 55,000 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर किया जाएगा
आबादी का अनुमान 2041 तक कुल आबादी 11 करोड़ और अगले 15 वर्षों में 15 करोड़ तक पहुंच सकती है
चयन प्रक्रिया हर राज्य 3 प्रस्ताव देगा, जिनमें से चुनौती-आधारित प्रक्रिया से 4 शहरों को चुना जाएगा
संभावित स्थान UP ने जेवर, दादरी, खुर्जा, बुलंदशहर और नोएडा जैसे नाम प्रस्तावित किए हैं

योजना के मुताबिक, इन नए शहरों को नमो भारत RRTS कॉरिडोर के पास बसाया जाएगा ताकि दिल्ली पर आबादी का दबाव कम हो सके। इसके साथ ही परिवहन को आसान बनाने के लिए मेट्रो, रिंग रेल, हाईवे और यहां तक कि हेली-टैक्सी सेवाओं पर भी विचार किया गया है। पर्यावरण को बचाने के लिए पूरे एनसीआर को तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा जाएगा और वहां के हिसाब से नियम लागू होंगे।

फिलहाल इस योजना पर सहमति बन गई है, लेकिन अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है। एक उप-समिति 15 अगस्त 2026 तक अपनी फाइनल रिपोर्ट देगी, जिसके बाद केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) से मंजूरी मिलने पर इसे लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले दो महीनों में अंतिम योजना की घोषणा हो जाएगी।