देशभर के रियल एस्टेट में गिरावट, मगर Delhi-NCR में निवेश 522% बढ़ा, ऑफिस और प्रीमियम घरों की भारी डिमांड

Finance: भारत के रियल एस्टेट बाजार में जहां एक तरफ निवेश कम हुआ है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लिए यह समय बहुत अच्छा रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में निवेश में 522% का जबरदस्त उछाल आया

Finance: भारत के रियल एस्टेट बाजार में जहां एक तरफ निवेश कम हुआ है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लिए यह समय बहुत अच्छा रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में निवेश में 522% का जबरदस्त उछाल आया है। जबकि पूरे देश के स्तर पर निजी इक्विटी (PE) निवेश में 23% की कमी देखी गई है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों और सख्त वित्तीय नियमों की वजह से निवेशक अब सोच-समझकर पैसा लगा रहे हैं। इसी वजह से देश का कुल PE निवेश गिरकर 1.13 बिलियन डॉलर रह गया है। लेकिन दिल्ली-एनसीआर में स्थिति अलग है। यहां निवेश 66 मिलियन डॉलर से बढ़कर सीधे 411.1 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। ऑफिस स्पेस और अच्छे आवासीय प्रोजेक्ट्स की वजह से दिल्ली-एनसीआर अब निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
दिल्ली-एनसीआर PE निवेश वृद्धि 522% (H1 2026)
कुल निवेश राशि (Delhi-NCR) 411.1 मिलियन डॉलर
ऑफिस प्रॉपर्टी निवेश हिस्सा 89%
प्रीमियम आवास बिक्री वृद्धि (Q1 2026) 30% (1 करोड़ से ऊपर के घर)
नए प्रोजेक्ट लॉन्च में वृद्धि 64%
राष्ट्रीय PE निवेश में गिरावट 23% (1.13 बिलियन डॉलर)

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफिस संपत्तियों में निवेश सबसे ज्यादा रहा क्योंकि यहां से किराये की स्थिर कमाई होती है। साथ ही, 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत वाले प्रीमियम घरों की मांग भी बढ़ी है। नाइट फ्रैंक इंडिया के शिषिर बैजल ने बताया कि निवेश में आई यह कमी भारत की कमजोरी नहीं बल्कि दुनिया भर के आर्थिक माहौल का असर है।

इस सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए RERA और GST जैसे नियमों ने काफी मदद की है। RERA के तहत अब तक 1.65 लाख से ज्यादा प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हो चुके हैं, जिससे खरीदारों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, क्रेडाई और नरेडको ने RBI द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने के फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे होम लोन की दरें स्थिर रहेंगी और लोग घर खरीदना जारी रखेंगे।

हालांकि, इस चमक के बीच कुछ नकारात्मक खबरें भी आईं। दिल्ली और गाजियाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धोखाधड़ी के मामले में कुछ रियल एस्टेट डेवलपर्स और सहकारी समिति के अधिकारियों पर छापेमारी की है।