Delhi: दिल्ली और NCR की हवा एक बार फिर खराब होने लगी है। मंगलवार को दिल्ली का AQI 208 दर्ज किया गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP-1 लागू कर दिया है। इसका सीधा असर अब आम लोगों और निर्माण कार्यों पर
Delhi: दिल्ली और NCR की हवा एक बार फिर खराब होने लगी है। मंगलवार को दिल्ली का AQI 208 दर्ज किया गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP-1 लागू कर दिया है। इसका सीधा असर अब आम लोगों और निर्माण कार्यों पर पड़ेगा। प्रशासन ने प्रदूषण कम करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े।
GRAP-1 के तहत किन चीजों पर लगी रोक
प्रशासन ने साफ किया है कि अब खुले में कूड़ा या बायोमास जलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। होटल और रेस्टोरेंट में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, 500 वर्ग मीटर से बड़े उन प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हो पाएंगे जो वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं। सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग की जाएगी।
वाहनों और निर्माण स्थलों के लिए क्या हैं नियम
प्रदूषण को रोकने के लिए पुराने पेट्रोल (BS-3) और डीजल (BS-4) वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। निर्माण और विध्वंस (C&D) वाली जगहों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। IMD और IITM के मुताबिक आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता इसी तरह खराब रह सकती है, इसलिए लोगों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GRAP-1 कब लागू होता है और दिल्ली में क्यों लागू हुआ
जब शहर का AQI 200 से ऊपर चला जाता है, तब GRAP-1 लागू होता है। दिल्ली में 19 मई 2026 को AQI 208 दर्ज होने के कारण CAQM ने इसे लागू किया।
आम जनता और दुकानदारों पर इसका क्या असर होगा
होटलों और रेस्टोरेंट में कोयला-लकड़ी का इस्तेमाल बंद रहेगा और खुले में कूड़ा जलाने पर पाबंदी रहेगी। लोगों को निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।