Delhi: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं और बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक दिल्ली और NCR के इन इलाकों में जून के आख
Delhi: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं और बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक दिल्ली और NCR के इन इलाकों में जून के आखिरी हफ्ते में मॉनसून पहुंचने की उम्मीद है। इस बारिश से लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है।
दिल्ली और NCR में मॉनसून कब तक पहुंचेगा?
IMD के ताजा अनुमान के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 25 जून से 30 जून के बीच दस्तक दे सकता है। दिल्ली में मॉनसून के आने की सामान्य तारीख भी यही होती है। पिछले साल मॉनसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। हालांकि, इस साल अल नीनो के प्रभाव के कारण कुल बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जो औसत का करीब 90% रह सकती है।
अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का क्या अलर्ट है?
मौसम विभाग ने 5 जून के लिए दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हल्की बारिश, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 6 जून को दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी और बारिश हो सकती है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। नोएडा और गाजियाबाद में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून की क्या स्थिति है?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 4 जून 2026 को केरल पहुंच चुका है, हालांकि यह अपनी तय तारीख से कुछ दिन देरी से आया है। फिलहाल मॉनसून अरब सागर, गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले 2-3 दिनों में इसके महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पहुंचने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर भारत में अगले 5-6 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-NCR में मॉनसून कब तक आएगा?
IMD के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में मॉनसून 25 जून से 30 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।
क्या इस साल बारिश कम होगी?
हाँ, अल नीनो की स्थिति के कारण IMD ने 2026 के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जो औसत का लगभग 90% रहने की उम्मीद है।