Delhi के पास बनेंगे 3 नए रेल कॉरिडोर, UP के 10 शहरों को मिलेगा फायदा, हरियाणा और राजस्थान से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

NCR: दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मास्टर प्लान 2041 के तहत दिल्ली के चारों ओर तीन नए रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 शहरों क

NCR: दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मास्टर प्लान 2041 के तहत दिल्ली के चारों ओर तीन नए रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 शहरों को मिलेगा, जिससे उनकी कनेक्टिविटी हरियाणा और राजस्थान के मुख्य केंद्रों से काफी बेहतर हो जाएगी।

इस पूरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को जाम मुक्त बनाना है। अक्सर देखा गया है कि हरियाणा, यूपी और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाली ट्रेनों और मालगाड़ियों को दिल्ली के भीड़भाड़ वाले नेटवर्क से गुजरना पड़ता है। नए कॉरिडोर बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियाँ बिना दिल्ली में घुसे सीधे अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे, जिससे समय बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की बैठक में जल्द ही इस योजना को मंजूरी मिल सकती है।

एनसीआर की आबादी आने वाले 10-15 सालों में 7.5 करोड़ से बढ़कर 15 करोड़ होने का अनुमान है, इसलिए यह नई रणनीति तैयार की गई है। इसमें हरियाणा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मुख्य हिस्सेदार हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) इस नेटवर्क की पहली कड़ी है, जिसका 30% काम पूरा हो चुका है और इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर लगभग 11,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

तीनों रेल कॉरिडोर की पूरी जानकारी

कॉरिडोर प्रमुख रूट और शहर फायदा
पहला कॉरिडोर सोनीपत से पलवल (KGP एक्सप्रेसवे के साथ), पलवल-खुर्जा-मेरठ-बागपत-सोनीपत दिल्ली के चारों ओर पहला पूर्ण रेल घेरा बनेगा। गाजियाबाद और बागपत सीधे गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत से जुड़ेंगे।
दूसरा कॉरिडोर सोनीपत, शामली, मेरठ, जेवर, नूंह, भिवाड़ी, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक और पानीपत पश्चिमी यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों को जेवर एयरपोर्ट, भिवाड़ी और रेवाड़ी जैसे हब से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीसरा कॉरिडोर करनाल-जींद-भिवानी-महेंद्रगढ़-नारनौल-बहरोड़-अलवर-डिबाई-गढ़मुक्तेश्वर-हस्तिनापुर-मुजफ्फरनगर-करनाल यूपी के मथुरा, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर को हरियाणा के जींद, भिवानी और राजस्थान के अलवर से जोड़ेगा।

इन रेल कॉरिडोरों के शुरू होने से न केवल आम लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी, जिससे पूरे एनसीआर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।