Finance : दिल्ली-एनसीआर में बहुत से लोग यह सोचकर घर खरीदते हैं कि उसे किराए पर दे देंगे और उस पैसे से होम लोन की EMI भर देंगे। यह मॉडल सुनने में बहुत आसान लगता है, लेकिन असलियत में यह हर किसी के लिए काम नहीं करता। एक्सपर
Finance : दिल्ली-एनसीआर में बहुत से लोग यह सोचकर घर खरीदते हैं कि उसे किराए पर दे देंगे और उस पैसे से होम लोन की EMI भर देंगे। यह मॉडल सुनने में बहुत आसान लगता है, लेकिन असलियत में यह हर किसी के लिए काम नहीं करता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर मामलों में किराया इतना नहीं होता कि पूरी EMI निकल सके और खरीदार को अपनी जेब से पैसा लगाना पड़ता है।
क्या किराए से पूरी EMI भरना संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में किराए की आय और होम लोन की ब्याज दरों के बीच काफी अंतर है। वोमेकी ग्रुप के गौरव के सिंह ने बताया कि इस मॉडल पर आंख बंद करके भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। आंकड़ों की बात करें तो 2BHK फ्लैट के लिए औसत किराया आमतौर पर EMI का केवल 59% से 73% ही होता है। इसका मतलब है कि बाकी का पैसा आपको अपनी सैलरी या बचत से देना होगा।
घर खरीदना सही है या किराए पर रहना?
जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में अपार्टमेंट की कीमतें 20% तक बढ़ी हैं। विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी बातें बताई हैं जिन्हें ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए:
- अगर आपकी EMI आपकी मासिक आय के 30-40% से ज्यादा है, तो किराए पर रहना बेहतर विकल्प हो सकता है।
- अगर आप किसी जगह 7-10 साल से कम समय के लिए रुकने वाले हैं, तो घर खरीदने के बजाय किराया देना सही है।
- भारत में आवासीय किराये की उपज (Rental Yield) आमतौर पर 2% से 4% के बीच होती है, जो कि पश्चिमी देशों के मुकाबले काफी कम है।
- निवेशकों के लिए नियम यह है कि किराये की आय कम से कम EMI का 50% जरूर कवर करनी चाहिए।
बजट और नए नियमों का क्या असर होगा?
सरकार ने बुनियादी ढांचे के लिए बजट 2026 में 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है, जिससे रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ‘होम रेंट न्यू रूल्स 2025’ लागू किए गए हैं। अब रेंट एग्रीमेंट का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा तय की गई है। आवासीय घरों के लिए यह सीमा दो महीने का किराया रखी गई है। दिल्ली की नई ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति से मेट्रो कॉरिडोर के पास की प्रॉपर्टी महंगी हो सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या दिल्ली-एनसीआर में किराए से पूरी EMI निकल आती है?
नहीं, अधिकांश मामलों में किराया पूरी EMI को कवर नहीं करता। 2BHK के लिए किराया आमतौर पर EMI का 59% से 73% ही होता है, जिससे खरीदार को अपनी जेब से पैसा लगाना पड़ता है।
किराये के घर के लिए नए नियम (Home Rent New Rules 2025) क्या हैं?
नए नियमों के तहत रेंट एग्रीमेंट का 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही, आवासीय घरों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित किया गया है।