Delhi-NCR में भारी बारिश से हाहाकार, 2 बच्चों की मौत और जगह-जगह जलभराव से थमी रफ्तार

Delhi/NCR: दिल्ली और एनसीआर में 9 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मानसून की पहली बड़ी बारिश में ही प्रशासन के दावों की पोल खुल गई और सड़कें तालाब बन गईं। इस भारी बारिश के कारण दि

Delhi/NCR: दिल्ली और एनसीआर में 9 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मानसून की पहली बड़ी बारिश में ही प्रशासन के दावों की पोल खुल गई और सड़कें तालाब बन गईं। इस भारी बारिश के कारण दिल्ली और गाजियाबाद में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

बारिश का असर इतना ज्यादा था कि दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में सात साल का एक लड़का जलभराव में डूब गया। वहीं गाजियाबाद के विजयनगर स्थित सर्वोदय नगर में तीन साल की बच्ची की डूबने से मौत हो गई, जिसके बाद नाराज परिजनों ने NH-9 पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा गाजियाबाद में करंट लगने से एक युवक की जान चली गई। रोहिणी में एक चार मंजिला इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हुई, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसका सीधा संबंध बारिश से नहीं बल्कि निर्माण कार्य की खामियों से है।

मौसम विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को दिल्ली के लिए रेड अलर्ट और नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। बारिश की वजह से आईटीओ, आनंद विहार, करोल बाग, कनॉट प्लेस और डीएनडी फ्लाईओवर जैसे मुख्य रास्तों पर भारी जाम लगा रहा। गाजियाबाद के डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने सुरक्षा को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी।

दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बताया कि प्रशासन हाई अलर्ट पर है और जल बोर्ड व PWD की टीमें तैनात हैं। PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि नए नाले बनने से स्थिति पहले से बेहतर है, लेकिन जमीन पर जलभराव की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही थी। निगरानी के लिए 179 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया गया और 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखा गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तुकमीरपुर में सबसे ज्यादा 160 मिमी और गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई। IMD ने 10 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अनुमान लगाया है कि 12 जुलाई से बारिश में कमी आएगी।