Delhi NCR में बाढ़ से निपटने की तैयारी, NDRF की 29 टीमें और नावों का बेड़ा तैनात
Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR में मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर 2026’ जारी किया है, जिसके तहत 15 जून से 15 अक्टूबर तक ब
Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR में मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर 2026’ जारी किया है, जिसके तहत 15 जून से 15 अक्टूबर तक बाढ़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम रहेंगे। इसके लिए एक हाई लेवल कमेटी भी बनाई गई है जो सभी विभागों के बीच तालमेल बिठाएगी ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बाढ़ राहत कार्यों के लिए NDRF की 29 टीमें तैनात की गई हैं, जिनके पास 100 से ज्यादा नावें हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक, 18 जून 2026 तक उपलब्ध नावों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है, साथ ही 31 मोटरबोट इंजन और 12 बोट-कैरिज ट्रॉली तैयार रखे गए हैं। दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) ने भी अपनी क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल्स (QRVs) की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 करने का लक्ष्य रखा है।
प्रशासन ने यमुना नदी के लिए तीन स्तर का चेतावनी सिस्टम शुरू किया है, जिससे पानी का स्तर बढ़ने पर समय रहते लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सके। 24 घंटे चलने वाला एक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी एक्टिव कर दिया गया है। यमुना के किनारे के तटबंधों को मजबूत किया गया है और पंप हाउसों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। अब एक नए डिजिटल सिस्टम के जरिए हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी और पल्ला में पानी के बहाव की सटीक जानकारी मिलेगी।
शहर में जलभराव से बचने के लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 77 नालों से 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सिल्ट (कीचड़) निकाला है। सरकार ने दिल्ली में 169 ऐसी जगहें पहचानी हैं जहां पानी भरने की सबसे ज्यादा संभावना है, साथ ही यमुना के किनारे 8 संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। इन इलाकों की निगरानी के लिए अलग से टीमें तैनात की गई हैं। इस पूरे अभियान में दिल्ली पुलिस, MCD, PWD, दिल्ली जल बोर्ड और सेना व वायुसेना जैसी एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।