Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने ‘दिल्ली डीकंजेशन प्लान’ का रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का मकसद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्र
Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने ‘दिल्ली डीकंजेशन प्लान’ का रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का मकसद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में ट्रैफिक के दबाव को कम करना और सफर की रफ्तार बढ़ाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1.5 लाख करोड़ से 1.60 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस प्लान में क्या-क्या खास प्रोजेक्ट्स शामिल हैं?
सरकार इस प्लान के तहत एक्सप्रेसवे, टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर का जाल बिछाएगी। इसमें DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे और जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर सबसे अहम हैं। यह 59 किलोमीटर लंबा छह लेन का कॉरिडोर करीब 4,463 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के बीच का सफर, जिसमें पहले 90 मिनट लगते थे, अब घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के लिए 31.425 किलोमीटर का नया एक्सप्रेसवे भी बनेगा।
अब तक कितना काम पूरा हुआ और आगे क्या होगा?
NHAI ने अब तक करीब 1,850 किलोमीटर के प्रोजेक्ट्स पूरे कर लिए हैं, जिन पर 87,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। फिलहाल 13,000 करोड़ रुपये की लागत से 225 किलोमीटर की सड़कें बन रही हैं और 34,500 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। आने वाले समय में शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 7,000 करोड़ की टनल और नोएडा-फरीदाबाद के बीच 7,500 करोड़ का हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा?
इस पूरी योजना का लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर में एक वर्ल्ड क्लास मोबिलिटी सिस्टम बनाना है। इससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होगा, जिससे गाड़ियों में ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। यह प्रोजेक्ट PM Gati Shakti के विजन पर आधारित है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और सामान की आवाजाही तेज होगी। साथ ही, हाईवे बनाने में शहर के कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को फायदा होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली डीकंजेशन प्लान से सफर के समय में कितनी कमी आएगी?
DND-फरीदाबाद-सोहना कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच का सफर जो पहले 90 मिनट से ज्यादा समय लेता था, अब घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा।
इस पूरी योजना पर कुल कितना खर्च किया जाएगा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर की मोबिलिटी को बदलने के लिए इस रोडमैप पर लगभग 1.5 लाख करोड़ से 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।