Delhi-NCR में बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, समय पर जांच से बच सकती है जान; Experts ने दी चेतावनी

Delhi: दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में कैंसर की जांच कराने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, लोग अब बीमारी के लक्षण दिखने का इंतजार करने के बजाय पहले से जांच करवाने की ओर बढ़ रहे

Delhi: दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में कैंसर की जांच कराने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, लोग अब बीमारी के लक्षण दिखने का इंतजार करने के बजाय पहले से जांच करवाने की ओर बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।

Mahajan Imaging & Labs के आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 से जून 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर के केंद्रों पर कैंसर से जुड़ी जांचों में 32% की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें खास तौर पर प्रिवेंटिव स्क्रीनिंग यानी बचाव वाली जांचों का चलन बढ़ा है। इस दौरान Pap smear टेस्ट में 83%, Prostate-Specific Antigen (PSA) टेस्ट में 280% और मैमोग्राफी जांच में 26% की बढ़त देखी गई।

कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 5 फरवरी 2026 को वर्ल्ड कैंसर डे पर एक विशेष जागरूकता और स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके तहत मोबाइल स्क्रीनिंग वैन चलाई जा रही हैं, जिनमें मैमोग्राफी और HPV DNA टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि समय पर जांच और जागरूकता ही कैंसर के बोझ को कम करने का एकमात्र तरीका है, क्योंकि देरी से पता चलने पर इलाज मुश्किल हो जाता है।

मेडिकल क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ा है। जनवरी 2026 में Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने AI आधारित कैंसर डिटेक्शन सॉफ्टवेयर को रेगुलेट करना शुरू किया और इन्हें Class C मेडिकल डिवाइस की श्रेणी में रखा। AIIMS New Delhi की डॉ. पल्लवी शुक्ला ने इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत में AI टूल्स अभी रिसर्च फेज में हैं क्योंकि भारतीय डेटा की कमी है।

Fortis Hospital के डॉ. नितेश रोहतगी और Mahajan Imaging & Labs की डॉ. शेली महाजन जैसे विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोगों को रूटीन स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि Pap smears, HPV टेस्टिंग और ट्यूमर मार्कर्स जैसी जांचें शुरुआती दौर में कैंसर पकड़ने में मददगार होती हैं। वहीं, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) में स्टाफ की कमी के कारण जनवरी 2026 तक कुछ जरूरी जांच सेवाएं बंद रहीं, जो एक चिंता का विषय है।