Delhi: दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी बहुत खराब हो गई है। 19 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 434 तक पहुंच गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोगों को सांस लेने में दिक्
Delhi: दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी बहुत खराब हो गई है। 19 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 434 तक पहुंच गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अलग-अलग शहरों में प्रदूषण का क्या हाल है?
दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में भी हवा की स्थिति चिंताजनक है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा 456 का AQI दर्ज किया गया है। दिल्ली के मुंडका इलाके में प्रदूषण ज्यादा है, जबकि श्री अरबिंदो मार्ग पर स्थिति थोड़ी बेहतर है।
| शहर/इलाका |
AQI लेवल |
श्रेणी |
| गुरुग्राम |
456 |
गंभीर/खतरनाक |
| दिल्ली (औसत) |
434 |
खतरनाक |
| फरीदाबाद |
336 |
बहुत खराब |
| नई दिल्ली |
364 |
गंभीर |
| नोएडा |
273 |
खराब |
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने क्या किया?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा और कचरा या पत्तियां जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। निर्माण स्थलों पर भी धूल रोकने के सख्त नियम लागू किए गए हैं।
नियम तोड़ने वालों पर क्या हुई कार्रवाई?
CAQM की टीम ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कड़ी नजर रखी है। 18 अप्रैल तक करीब 26,834 संस्थाओं की जांच की गई, जिनमें से 1765 को नियम तोड़ने पर बंद करने का आदेश दिया गया। हालांकि, जांच के बाद 1349 इकाइयों को दोबारा शुरू करने की इजाजत मिली है। डीजल जनरेटर और निर्माण स्थलों पर भी भारी सख्ती बरती जा रही है।