Delhi-NCR : दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में अपना घर खरीदने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। जेएलएल इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में अपार्टमेंट की कीमतों में 8 से 20 फीसदी तक का उछाल आया है। हैर
Delhi-NCR : दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में अपना घर खरीदने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। जेएलएल इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में अपार्टमेंट की कीमतों में 8 से 20 फीसदी तक का उछाल आया है। हैरानी की बात यह है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद घरों की बिक्री में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है, खासकर प्रीमियम घरों की मांग काफी ज्यादा रही है।
कीमतों में बढ़ोतरी और बिक्री का क्या है हाल
मार्केट में इस समय प्रीमियम सेगमेंट यानी महंगे घरों का बोलबाला है। रिपोर्ट के अनुसार, 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले अपार्टमेंट्स की बिक्री सबसे ज्यादा हुई है। दिल्ली-एनसीआर में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में भी 64 फीसदी की तेजी आई है और करीब 13,631 नए यूनिट्स बाजार में उतारे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग अब बड़े घरों और बेहतर सुविधाओं वाली सोसाइटीज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
सरकारी नियम और पारदर्शिता के लिए नए कदम
रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक Unified RERA Portal शुरू किया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि इस पोर्टल से घर खरीदारों को प्रोजेक्ट की सही जानकारी मिलेगी और डेवलपर्स की जवाबदेही तय होगी। इससे प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित होगी और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।
मार्केट के आंकड़े एक नजर में
| विवरण |
बदलाव/आंकड़ा |
| अपार्टमेंट कीमतों में वृद्धि |
8% से 20% |
| बिक्री में बढ़ोतरी |
30% |
| नए प्रोजेक्ट लॉन्च |
64% वृद्धि (13,631 यूनिट्स) |
| सालाना कैपिटल वैल्यू ग्रोथ |
12-15% |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-एनसीआर में घरों की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट और एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रीमियम घरों की बढ़ती मांग, बड़े घरों की पसंद और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के कारण कीमतों में 8 से 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।
घर खरीदारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या किया है?
सरकार ने Unified RERA Portal लॉन्च किया है, जिससे प्रोजेक्ट की मंजूरी, टाइमलाइन और अन्य जरूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।