Delhi के नरेला में बनेगी हाई सिक्योरिटी जेल, तिहाड़ जेल का बोझ होगा कम; अमित शाह ने किया शिलान्यास

Delhi: राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नरेला में एक नई हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई, 2026 को इस अत्याधुनिक जेल परियोजना का ई-शिलान्यास किया। इस नई जेल

Delhi: राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नरेला में एक नई हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई, 2026 को इस अत्याधुनिक जेल परियोजना का ई-शिलान्यास किया। इस नई जेल के बनने से तिहाड़ जेल पर कैदियों का दबाव कम होगा और सुरक्षा के इंतजाम पहले से बेहतर होंगे।

यह जेल करीब 40 एकड़ जमीन पर तैयार की जाएगी, जिसमें 256 कैदियों को रखने की क्षमता होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार का गृह मंत्रालय 100 करोड़ रुपये देगा, जबकि बाकी का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि तिहाड़ जेल में अपनी क्षमता से करीब दोगुने कैदी रह रहे हैं, जिससे वहां सुरक्षा और प्रबंधन में काफी दिक्कतें आती हैं। नई जेल बनने से इन चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

इस जेल को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। इसमें एआई (AI) कैमरे, एंटी-टनल तकनीक और बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल जैसे सिस्टम लगाए जाएंगे। जेल की दीवारें 20 मीटर से ज्यादा ऊंची होंगी और इसमें रेडियल-एक्सियल डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे एक ही केंद्र से सभी विंग्स पर नजर रखी जा सकेगी। हर कैदी के लिए अलग सेल होगा जिसमें शौचालय और स्नानघर जैसी सुविधाएं होंगी, ताकि कैदियों की आपसी नेटवर्किंग और गैंग बनाने के खतरे को कम किया जा सके।

सुविधा/विशेषता विवरण
कुल लागत 100 करोड़ (गृह मंत्रालय) + दिल्ली सरकार का हिस्सा
क्षमता 250 से अधिक कैदी
क्षेत्रफल लगभग 40 एकड़
सुरक्षा तकनीक AI CCTV, बॉडी-वर्न कैमरे, मोबाइल जैमर
डिजाइन रेडियल-एक्सियल (सेंट्रल कंट्रोल)
अन्य सुविधाएं इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

इस कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने दिल्ली को अन्य तोहफे भी दिए। उन्होंने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के लिए 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई और नरेला, रिठाला व कोहाट एन्क्लेव में तीन नए इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन किया। साथ ही नंद नगरी में एक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की शुरुआत भी की गई। नरेला जेल का काम PWD देख रहा है और इसे करीब 21 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।