Delhi-NCR में चलने वाली हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (RRTS) के दिल्ली सेक्शन की सुरक्षा अब पूरी तरह से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास चली गई है. दिल्ली के सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार जैसे बड़े स्टे
Delhi-NCR में चलने वाली हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (RRTS) के दिल्ली सेक्शन की सुरक्षा अब पूरी तरह से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास चली गई है. दिल्ली के सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार जैसे बड़े स्टेशनों पर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 251 जवानों की तैनाती को हरी झंडी दे दी गई है. इस नई व्यवस्था से यात्रियों का सफर अब पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा और स्टेशनों पर निगरानी का काम और भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा.
स्टेशनों पर कैसी होगी सुरक्षा की नई व्यवस्था?
- CISF ने 7 अप्रैल 2026 को दिल्ली सेक्शन की सुरक्षा की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से संभाल ली है.
- न्यू अशोक नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती की प्रक्रिया पूरी की गई.
- स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए उन्नत निगरानी प्रणाली और एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं.
- CISF के जवान किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए एंटी-सैबोटेज चेक और क्विक रिएक्शन टीम के साथ तैनात रहेंगे.
- CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने जवानों के रहने के लिए नई आवासीय सुविधाओं का भूमि पूजन भी किया है.
दिल्ली मेट्रो और नमो भारत के बीच तालमेल से क्या बदलेगा?
CISF, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और राज्य पुलिस के साथ मिलकर एक खास ऑपरेटिंग सिस्टम (SOP) पर काम कर रही है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली मेट्रो और नमो भारत दोनों नेटवर्क के लिए सुरक्षा के नियम एक जैसे होंगे. इससे यात्रियों की जांच और एंट्री-एग्जिट मैनेजमेंट में कोई भ्रम नहीं रहेगा.
यूपी के हिस्से में आने वाले नमो भारत स्टेशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UP SSF) के पास रहेगी, जिन्हें CISF ने ही खास तौर पर ट्रेनिंग दी है. दिल्ली में सराय काले खां और आनंद विहार जैसे व्यस्त स्टेशनों पर इस सुरक्षा घेरे से भीड़ को नियंत्रित करने और संदिग्धों पर नजर रखने में बड़ी मदद मिलने वाली है.