Delhi : राजधानी दिल्ली के सबसे प्रदूषित नजफगढ़ नाले की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक बड़े बदलाव की पहचान बताया है। सरकार अब वर्ल्ड क्लास मशीनों और सख्त निगरानी के जरिए नाले में साल
Delhi : राजधानी दिल्ली के सबसे प्रदूषित नजफगढ़ नाले की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक बड़े बदलाव की पहचान बताया है। सरकार अब वर्ल्ड क्लास मशीनों और सख्त निगरानी के जरिए नाले में सालों से जमी गाद और कचरे को हटा रही है ताकि यमुना नदी को स्वच्छ बनाया जा सके।
मिशन साहिबी क्या है और कैसे होगी सफाई
नजफगढ़ नाले की सफाई के लिए सरकार ने ‘मिशन साहिबी’ नाम से एक अभियान चलाया है। इसके तहत फिनलैंड से Watermaster नाम की आधुनिक एम्फिबियस ड्रेजर मशीनें मंगवाई गई हैं। कुल 32 एडवांस मशीनें रोजाना 13 घंटे से ज्यादा काम कर रही हैं। सर्वे में पता चला है कि नाले में लगभग 91 लाख क्यूबिक मीटर गाद जमा है, जिसे हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
नाले के किनारे बनेगी सड़क और अन्य सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने नाले के दोनों किनारों पर 61 किलोमीटर लंबी टू-लेन सर्विस रोड बनाने के लिए 453.95 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस प्रोजेक्ट से बाहरी दिल्ली में ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। इस रोड के साथ-साथ पैदल चलने वालों, जॉगिंग और साइकिल चलाने के लिए अलग ट्रैक भी बनाए जाएंगे। इसका काम मई 2026 से शुरू होकर नवंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं
दिल्ली जल बोर्ड ने 52 किलोमीटर लंबे इस नाले को 22 हिस्सों में बांटा है। हर हिस्से के लिए अलग टीम तैनात की गई है जो हर महीने प्रदूषण के स्तर की जांच करेगी। साथ ही, दिल्ली और हरियाणा सरकार ने मिलकर केंद्र सरकार की देखरेख में कचरे के बहाव को कम करने का फैसला किया है, क्योंकि यमुना में आने वाले कुल प्रदूषण का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसी नाले से आता है।