Delhi: राजधानी के नजफगढ़ इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जॉइंट टास्क फोर्स ने अवैध दवाओं और एक्सपायर हो चुके सप्लीमेंट्स के एक ठिकाने का पता लगाया है। यह रेड “Gaurav Vats Nutrition” नाम की दुकान पर की गई,
Delhi: राजधानी के नजफगढ़ इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जॉइंट टास्क फोर्स ने अवैध दवाओं और एक्सपायर हो चुके सप्लीमेंट्स के एक ठिकाने का पता लगाया है। यह रेड “Gaurav Vats Nutrition” नाम की दुकान पर की गई, जिसे गौरव वत्स नाम का व्यक्ति चला रहा था। यह पूरी कार्रवाई खेल मंत्रालय के तहत आने वाली National Anti-Doping Agency (NADA) से मिले अलर्ट के बाद की गई है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला और क्या था गड़बड़
जांच में पता चला कि यह सेंटर बिना किसी जरूरी लाइसेंस के चल रहा था। यहां Drugs and Cosmetics Act, 1940 और Food Safety and Standards Act, 2006 के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। FSSAI ने पाया कि यहां खराब हो चुके प्रोटीन और बिना लाइसेंस वाले सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे थे।
| जप्त सामान |
मात्रा/विवरण |
| कुल कैप्सूल और टैबलेट |
लगभग 2,800 |
| इंजेक्शन यूनिट |
11 यूनिट (प्रतिबंधित पदार्थ) |
| स्टेरॉइड्स |
Methenolone, Trenbolone, Stanozolol |
| Methandienone टैबलेट |
300 नग |
| Oxandrolone टैबलेट |
850 नग |
| SARMs कैप्सूल |
1,500 नग |
| एक्सपायर गेनर और प्रोटीन |
45 किलोग्राम |
| अन्य प्रोटीन और क्रिएटिन |
85 किलोग्राम |
आगे की कानूनी कार्रवाई और असर
FSSAI और स्थानीय पुलिस की इस टीम ने सभी सैंपल्स को कानूनी कार्रवाई के लिए जमा कर लिया है। जप्त की गई दवाओं को State Drug Control Department के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रतिबंधित पदार्थ न केवल खिलाड़ियों के करियर को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम जनता की सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक हैं। अब इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि ये सामान कहां से आ रहे थे और इसमें और कौन-कौन शामिल है।