Delhi: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। इस मॉड्यूल के जरिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, सुरक्षाकर्मियों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाना
Delhi: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। इस मॉड्यूल के जरिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, सुरक्षाकर्मियों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाना था। पुलिस ने 17 दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद कुल 9 लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक खतरनाक शार्पशूटर भी शामिल है।
कैसे पकड़ा गया यह आतंकी मॉड्यूल और कौन हुए गिरफ्तार
इस पूरे मामले की पहली कड़ी पुणे से मिली जब पुलिस ने 14 मई 2026 को विजय उर्फ ‘शूटर’ को गिरफ्तार किया। विजय की पूछताछ के बाद झारखंड के साहिबगंज से नीतीश पासवान और मुंबई से तौकीर रिज़वान और साजिद महबूब को पकड़ा गया। इसके अलावा दिल्ली से हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, मनजीत सिंह और नेपाल के नागरिक अनग कामी लामा को भी गिरफ्तार किया गया। ये सभी लोग पाकिस्तान और दुबई में बैठे शाहजाद भट्टी नेटवर्क के संपर्क में थे।
क्या था आतंकियों का प्लान और कहाँ होने वाले थे हमले
जांच में पता चला कि इस ग्रुप का मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों और अहम जगहों पर हमला करना था। इनके निशाने पर मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन, कई बड़े पुल, दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय और अन्य सरकारी इमारतें थीं। पंजाब और चंडीगढ़ में भी हमले की योजना बनाई गई थी। आरोपियों के पास से दिल्ली और मुंबई की संवेदनशील जगहों के रेकी वीडियो भी मिले हैं।
हथियारों की सप्लाई और बरामदगी की जानकारी
स्पेशल कमिश्नर अनिल शुक्ला ने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बने 4 हैंड ग्रेनेड और 2 ग्लॉक पिस्टल के साथ 24 कारतूस मिले हैं। पुलिस को शक है कि ये हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजे गए थे। साथ ही दो चोरी की बाइक और एक मोबाइल फोन भी मिला है, जिसमें हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत मौजूद हैं। इस मामले की जांच अब NIA भी कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आतंकवादी किन जगहों को निशाना बनाना चाहते थे?
आतंकियों की लिस्ट में दिल्ली का बीजेपी मुख्यालय, मुंबई का दादर रेलवे स्टेशन, मुंबई के कई बड़े पुल, धार्मिक स्थल और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें शामिल थीं।
हथियार भारत में कैसे पहुँचाए गए थे?
जांच एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भारत की सीमा के अंदर भेजे गए थे।