Delhi-Mumbai Expressway: राजस्थान में सिर्फ 12 KM काम बाकी, मुकुंदरा हिल्स टनल और कोटा को मिलेंगे नए प्रोजेक्ट्स

Rajasthan/Kota : दिल्ली और मुंबई के बीच सफर को आसान बनाने वाले एक्सप्रेसवे का काम अब आखिरी दौर में है। राजस्थान में इस बड़े प्रोजेक्ट का सिर्फ 12 किलोमीटर का काम बचा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस सड़क

Rajasthan/Kota : दिल्ली और मुंबई के बीच सफर को आसान बनाने वाले एक्सप्रेसवे का काम अब आखिरी दौर में है। राजस्थान में इस बड़े प्रोजेक्ट का सिर्फ 12 किलोमीटर का काम बचा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस सड़क की क्वालिटी और सुरक्षा का जायजा लिया है। इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दिल्ली से मुंबई की दूरी तय करने में अब सिर्फ 12 घंटे का समय लगेगा।

इस प्रोजेक्ट में अब तक 1.10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और करीब 80 फीसदी निर्माण पूरा हो गया है। राजस्थान के कोटा में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे भारत की पहली 8-लेन वाली ट्विन टनल बनाई जा रही है। यह 4.9 किलोमीटर लंबी टनल वन्यजीवों को बिना परेशान किए गाड़ियों की रफ्तार बनाए रखने के लिए डिजाइन की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस टनल के अगस्त तक चालू होने की उम्मीद है।

मंत्री नितिन गडकरी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोटा क्षेत्र के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा।

प्रोजेक्ट का नाम विवरण अनुमानित लागत
मुकुंदरा बाईपास (NH-52) 10 किमी लंबा फोर-लेन बाईपास ₹551 करोड़
ग्रीनफील्ड स्पर कोटा को एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 21 किमी रास्ता ₹1,000 करोड़
अटल एक्सप्रेस हाईवे कोटा से इटावा तक चंबल नदी के किनारे सड़क ₹15,000 करोड़

इन नए प्रोजेक्ट्स का काम अगले तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा भवानी मंडी को भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए DPR तैयार की जा रही है। वहीं, मध्य प्रदेश के मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से गुजरने वाले सभी 9 पैकेज का काम पूरा हो चुका है।

इस बीच, 1 जुलाई 2026 को राजस्थान के दौसा के पास एक दुखद हादसा हुआ था। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक बस में आग लग गई थी, जिसमें 8 लोगों की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पूरे एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने का लक्ष्य 2028 की शुरुआत तक रखा गया है।