Delhi से Mumbai जाना होगा आसान, Kota की 8-लेन टनल जुलाई 2026 तक खुलेगी; सफर में बचेगा समय
Rajasthan/Kota: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा में बनी 4.89 किलोमीटर लंबी 8-लेन सुरंग जल्द ही आम जनता के लिए खुलने वाली है। यह सुरंग मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनाई गई है, जिससे वन्यजीवों को बिना क
Rajasthan/Kota: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा में बनी 4.89 किलोमीटर लंबी 8-लेन सुरंग जल्द ही आम जनता के लिए खुलने वाली है। यह सुरंग मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनाई गई है, जिससे वन्यजीवों को बिना कोई परेशानी दिए गाड़ियां तेजी से निकल सकेंगी। NHAI के मुताबिक, यह टनल जुलाई 2026 के अंत तक या अगस्त 2026 तक सभी तरह के वाहनों के लिए खोल दी जाएगी।
फिलहाल इस सुरंग में सिर्फ कारों और इमरजेंसी गाड़ियों के साथ टेस्टिंग चल रही है। भारी वाहनों को अनुमति देने से पहले अग्नि सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की जांच की जाएगी। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशों के बाद अगस्त में इसे आधिकारिक तौर पर खोला जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं, जिसकी वजह से यह जनवरी 2024 की जगह अब 2026 में पूरा हो रहा है। खुदाई के दौरान भारी पानी का बहाव और मानसून की बारिश की वजह से डिजाइन में बदलाव करने पड़े। इन वजहों से प्रोजेक्ट की लागत 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,250 करोड़ रुपये हो गई है। इसका निर्माण दिलीप बिल्डकॉन और ऑल्टिस-होल्डिंग कॉर्पोरेशन के संयुक्त उद्यम ने किया है।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सुरंग की लंबाई | 4.89 किलोमीटर |
| चौड़ाई और ऊंचाई | 22 मीटर चौड़ी, 11 मीटर ऊंची |
| खुलने की संभावित तिथि | जुलाई/अगस्त 2026 |
| कुल लागत | 1,250 करोड़ रुपये |
| विशेषता | भारत की पहली 8-लेन वन्यजीव सुरंग |
| अन्य खंड | सवाई माधोपुर से लाबान (26 किमी) भी जुलाई 2026 तक खुलेगा |
इस सुरंग के चालू होने से आम यात्रियों को बड़ा फायदा होगा। दिल्ली और वडोदरा के बीच का सफर जो पहले 20-22 घंटे लेता था, अब वह घटकर 10-12 घंटे रह जाएगा। साथ ही, जंगल के बीच के 25 किलोमीटर लंबे घुमावदार और संकरे रास्ते से छुटकारा मिलेगा। जब पूरा 1,386 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे चालू हो जाएगा, तब दिल्ली से मुंबई पहुंचने में 24 घंटे की जगह केवल 12 घंटे लगेंगे। दिल्ली से वडोदरा वाला हिस्सा अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।