Delhi: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जल्द ही आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर तक का 9 किलोमीटर का यह स्ट्रेच लगभग बनकर तैयार है। इसके शुरू होने से दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करन
Delhi: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जल्द ही आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर तक का 9 किलोमीटर का यह स्ट्रेच लगभग बनकर तैयार है। इसके शुरू होने से दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों को भारी जाम से छुटकारा मिलेगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
DND से जैतपुर सेक्शन कब तक होगा पूरा
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने लोकसभा में बताया कि डीएनडी जंक्शन से जैतपुर तक का यह प्रोजेक्ट अब आखिरी चरण में है। इस 9 किलोमीटर के हिस्से का 94.23% काम पूरा हो चुका है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इसे जून 2026 तक पूरी तरह तैयार कर जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस काम में थोड़ी देरी यूपी सिंचाई विभाग से आगरा नहर के ऊपर पुल की मंजूरी मिलने में समय लगने की वजह से हुई थी।
किसे होगा इस नए रास्ते का फायदा
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह रास्ता दिल्ली को फरीदाबाद और दक्षिणी हरियाणा से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। फिलहाल इस एक्सप्रेसवे के डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना लिंक के अन्य हिस्से पहले से ही चालू हैं, और इस आखिरी पैकेज के पूरा होते ही कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति और लागत
NHAI के अनुसार, मदनपुर खादर के पास आगरा नहर पर बन रहा 130 मीटर का स्टील आर्च ब्रिज आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है। अब केवल सरफेस वर्क, सेफ्टी बैरियर और अंतिम तकनीकी जांच का काम बचा है। पूरे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर अब तक करीब 71,718 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पूरा 1,350 किलोमीटर का प्रोजेक्ट 2027 या 2028 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DND से जैतपुर वाला हिस्सा कब खुलेगा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस 9 किमी लंबे हिस्से का काम 94% से ज्यादा पूरा हो चुका है और इसे जून 2026 तक आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य है।
इस प्रोजेक्ट में देरी क्यों हुई?
इस सेक्शन में देरी का मुख्य कारण यूपी सिंचाई विभाग द्वारा आगरा नहर पर बनने वाले स्ट्रक्चर के ड्राइंग की मंजूरी मिलने में हुई देरी थी।