Delhi में मॉनसून से पहले नालों की सफाई पूरी, 34 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली; CM रेखा गुप्ता ने जारी किए निर्देश
Delhi: दिल्ली में मॉनसून आने से पहले सरकार ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बड़ी तैयारी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर के नालों से रिकॉर्ड 34 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली गई है ताकि बारिश के दौरान सड़कों
Delhi: दिल्ली में मॉनसून आने से पहले सरकार ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बड़ी तैयारी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर के नालों से रिकॉर्ड 34 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली गई है ताकि बारिश के दौरान सड़कों पर पानी न भरे। सरकार ने इस काम के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 23 जून 2026 को जानकारी दी कि दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने मिलकर यह काम किया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अपने 77 मुख्य नालों की सफाई का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया है। इस पूरी तैयारी का मकसद उन इलाकों को बचाना है जहां हर साल बारिश में पानी भर जाता है।
बाढ़ और जलभराव से बचने के लिए 17 जून 2026 को एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026’ जारी किया गया। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और रविंद्र सिंह इंद्राज भी शामिल थे। इसके साथ ही 15 जून से केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है।
आम जनता की मदद के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि अगर किसी इलाके में नाला साफ नहीं है, तो लोग ‘MCD 311’ ऐप पर शिकायत करें, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा, जलभराव वाले हर पॉइंट के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है, जो उस इलाके को पानी से मुक्त रखने के लिए जिम्मेदार होगा।
| सुविधा/तैयारी | विवरण |
|---|---|
| निकाली गई गाद | 34 लाख मीट्रिक टन |
| पंपों की संख्या | 243 से अधिक |
| बचाव नावें | 41 नावें तैनात |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | बुराड़ी, किराड़ी, मुंडका और रोहतक रोड |
| शिकायत माध्यम | MCD 311 ऐप |
| मॉनसून की संभावना | 25 जून से जुलाई के पहले सप्ताह तक |
यमुना के जलस्तर और हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी पर नजर रखने के लिए डिजिटल सिस्टम लगाया गया है। सरकार ने विशेष रूप से बुराड़ी, किराड़ी और मुंडका जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो।