Delhi में अल नीनो के कारण देरी से आया मानसून, जून में 39 प्रतिशत कम हुई बारिश

Delhi: राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून ने अपनी रफ्तार धीमी रखी है। अल नीनो के असर की वजह से मानसून 2 जुलाई को पहुंचा, जो अपनी सामान्य तारीख 27 जून से पांच दिन की देरी है। साल 2021 के बाद यह पहला मौका है जब दिल्ली में मा

Delhi: राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून ने अपनी रफ्तार धीमी रखी है। अल नीनो के असर की वजह से मानसून 2 जुलाई को पहुंचा, जो अपनी सामान्य तारीख 27 जून से पांच दिन की देरी है। साल 2021 के बाद यह पहला मौका है जब दिल्ली में मानसून की दस्तक जुलाई के महीने में हुई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ा है। इसका असर पूरे देश पर दिखा और जून 2026 में देश भर में 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। यह 1901 के बाद से अब तक का पांचवां सबसे सूखा जून महीना रहा है। दिल्ली में बारिश होने के पीछे एक दुर्लभ पश्चिमी विक्षोभ का हाथ बताया जा रहा है।

मौसम की इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 जुलाई को कम बारिश की स्थिति की समीक्षा की। अमित शाह ने जल शक्ति मंत्रालय को सभी जलाशयों और भूजल की बारीकी से निगरानी करने को कहा है। साथ ही उन्होंने बिजली मंत्रालय को बिजली की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने और किसानों को कम पानी वाली फसलों जैसे मोटे अनाज और दलहन उगाने की सलाह देने के निर्देश दिए हैं।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत के मुताबिक, पाकिस्तान से आने वाली सूखी हवाओं की वजह से तापमान बढ़ा हुआ है, जबकि अरब सागर से आने वाली हवाएं दिल्ली में उमस बढ़ा रही हैं।

विवरण जानकारी
मानसून आगमन (Delhi) 2 जुलाई, 2026
सामान्य तिथि से देरी 5 दिन
जून में देशव्यापी बारिश की कमी 39 प्रतिशत
IMD अलर्ट 3 जुलाई को येलो अलर्ट जारी
हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा
AQI (4 जुलाई सुबह 7 बजे) 97 (संतोषजनक)

IMD ने 8 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और 5 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।