Delhi Metro Phase 4: Inderlok से Indraprastha कॉरिडोर का काम शुरू, अब सफर होगा आसान
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और आसान होने वाला है। Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने फेज 4 के तहत Inderlok-Indraprastha कॉरिडोर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 9 जुलाई 2026 को Sarai Rohilla मेट्र
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और आसान होने वाला है। Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने फेज 4 के तहत Inderlok-Indraprastha कॉरिडोर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 9 जुलाई 2026 को Sarai Rohilla मेट्रो स्टेशन पर डायफ्राम वॉल के काम के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता मौजूद रहीं।
यह नया कॉरिडोर पूरी तरह से Magenta Line (Line 8) का विस्तार होगा। पहले इसे Green Line के तौर पर बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे Magenta Line में बदलने का फैसला लिया गया। यह कॉरिडोर करीब 12.3 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें से 11.3 किलोमीटर का हिस्सा जमीन के नीचे (Underground) और बाकी हिस्सा एलिवेटेड होगा। इस रूट पर कुल 10 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें Inderlok, Daya Basti, Sarai Rohilla, Ajmal Khan Park, Nabi Karim, New Delhi, LNJP Hospital, Delhi Gate, Delhi Sachivalaya और Indraprastha शामिल हैं।
इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो हरियाणा के Bahadurgarh इलाके से आते हैं, क्योंकि वे अब सीधे मध्य और पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, यह कॉरिडोर Red, Green, Yellow, Airport Express, Magenta, Violet और Blue Line जैसी सात अन्य लाइनों के साथ इंटरचेंज की सुविधा देगा, जिससे यात्रियों को बार-बार मेट्रो बदलने में आसानी होगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 12.377 किलोमीटर |
| स्टेशनों की संख्या | 10 स्टेशन |
| प्रोजेक्ट लागत (अनुमोदित) | Rs 8,399 करोड़ (Lajpat Nagar-Saket के साथ) |
| सिविल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू | Rs 1522 करोड़ (Kalpataru-SOMA JV को मिला) |
| संभावित पूरा होने का समय | 2029 के आसपास |
| ट्रेन सिस्टम | Unattended Train Operations (ड्राइवरलेस) |
DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास कुमार ने बताया कि काम की रफ्तार मंजूरी, जमीन अधिग्रहण और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगी, लेकिन उम्मीद है कि 2029 तक यह तैयार हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार और दिल्ली सरकार के साथ-साथ Japan International Cooperation Agency (JICA) से भी कर्ज लिया गया है।