Delhi में अब मेट्रो स्टेशनों पर जमा कर सकेंगे पुराने कपड़े, दान करने वालों को मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए अब पुराने कपड़ों को सही जगह ठिकाने लगाना आसान होगा। दिल्ली सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर ‘अर्पण संग्रह केंद्र’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत लोग अपने पुराने कपड़े मेट्रो स्
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए अब पुराने कपड़ों को सही जगह ठिकाने लगाना आसान होगा। दिल्ली सरकार ने मेट्रो स्टेशनों पर ‘अर्पण संग्रह केंद्र’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत लोग अपने पुराने कपड़े मेट्रो स्टेशनों पर जमा कर सकेंगे और उन्हें बदले में एक डिजिटल सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
इस योजना की शुरुआत 14 जुलाई 2026 को हुई, जब दिल्ली सरकार, DMRC और अन्य संस्थाओं के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कदम से शहर में टेक्सटाइल कचरा कम होगा और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इस काम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
ये केंद्र सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे। कपड़े दान करने के लिए लोगों को वहां मौजूद QR कोड स्कैन करना होगा और अपना नाम, मोबाइल नंबर और कपड़ों की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत डिजिटल सर्टिफिकेट मिल जाएगा। एकत्रित किए गए कपड़ों को उनकी हालत के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा।
| कपड़ों की श्रेणी | उपयोग/प्रक्रिया |
|---|---|
| अच्छी स्थिति वाले कपड़े | स्वयं सहायता समूह (SHG) इनसे बैग और सजावटी सामान बनाएंगे |
| पूरी तरह अनुपयोगी कपड़े | इन्हें रीसायकल करके नया कच्चा माल बनाया जाएगा |
| धार्मिक वस्त्र | पूजा-पाठ के कपड़ों का सम्मानपूर्वक पुनः उपयोग या रीसायकल होगा |
इन केंद्रों का संचालन SULM से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं करेंगी, जिन्हें अपसाइक्लिंग की ट्रेनिंग दी गई है। इन महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए स्टेशनों पर कियोस्क भी लगाए जाएंगे।
पहले चरण में यह सुविधा 10 स्टेशनों पर मिलेगी, जिनमें शाहदरा, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर, हौज खास, द्वारका, मोहन एस्टेट, लाजपत नगर, मयूर विहार फेज-1, पंजाबी बाग वेस्ट और शालीमार बाग शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इस सुविधा को पूरी दिल्ली में फैलाया जाए।