Delhi: दिल्ली में अपना घर लेने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने मेट्रो और नमो भारत (RRTS) स्टेशनों के पास किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में बदलाव किए हैं। क
Delhi: दिल्ली में अपना घर लेने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने मेट्रो और नमो भारत (RRTS) स्टेशनों के पास किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में बदलाव किए हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 7 और 8 अप्रैल 2026 को इन बदलावों की घोषणा की, जिससे अब स्टेशन के पास घर लेना आसान होगा।
नई हाउसिंग स्कीम के तहत कहां और कैसे मिलेंगे घर
इस योजना के तहत मेट्रो, नमो भारत और रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में आवासीय प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए लगभग 207 वर्ग किलोमीटर इलाके को चुना है। इसमें 80 वर्ग किलोमीटर ऐसा क्षेत्र भी है जो पहले इस नीति का हिस्सा नहीं था, जैसे कि अनधिकृत कॉलोनियां और कम घनत्व वाले आवासीय इलाके।
प्लॉट के साइज और निर्माण के नए नियम क्या हैं
नई नीति में छोटे प्लॉट मालिकों को बड़ी राहत दी गई है। अब 2000 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर भी विकास का काम शुरू हो सकेगा, जबकि पहले इसके लिए कम से कम 1 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होती थी। इसके अलावा, 18 मीटर चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में अधिकतम 500 FAR की अनुमति दी जाएगी।
किफायती आवास के लिए क्या खास प्रावधान हैं
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आम आदमी को सस्ते घर मिलें। इसके लिए कुल FAR का 65% हिस्सा अनिवार्य रूप से आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। इसमें 100 वर्ग मीटर या उससे कम जगह वाले छोटे फ्लैट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। बाकी 35% हिस्से का इस्तेमाल दुकानों और अन्य सुविधाओं के लिए होगा।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| कवरेज एरिया |
स्टेशनों से 500 मीटर का दायरा |
| न्यूनतम प्लॉट साइज |
2000 वर्ग मीटर |
| आवासीय आरक्षण |
कुल FAR का 65% |
| वाणिज्यिक उपयोग |
कुल FAR का 10% आरक्षित |
| कुल चिह्नित क्षेत्र |
207 वर्ग किलोमीटर |
इस पूरी प्रक्रिया में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), DMRC और NCRTC जैसी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। इसके साथ ही DDA की नागरिक आवास योजना 2026 और जनता आवास योजना 2025 भी चालू हैं, जिनमें EWS, LIG, MIG और HIG कैटेगरी के फ्लैट उपलब्ध हैं।