Delhi: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब मेट्रो के नए कॉरिडोर में लगने वाले प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) विदेशों से नहीं आएंगे, बल्कि भारत में ही बनाए जाएंगे। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने औ
Delhi: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब मेट्रो के नए कॉरिडोर में लगने वाले प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) विदेशों से नहीं आएंगे, बल्कि भारत में ही बनाए जाएंगे। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
क्या हैं ‘मेक इन इंडिया’ प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और इनका फायदा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आगामी चौथे और पांचवें चरण के लिए स्वदेशी प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाने का फैसला किया है। भूमिगत स्टेशनों पर पूरी ऊंचाई वाले और एलिवेटेड स्टेशनों पर आधी ऊंचाई वाले दरवाजे लगाए जाएंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और प्लेटफॉर्म पर होने वाले हादसों में कमी आएगी।
मेट्रो विस्तार और नए कॉरिडोर की जानकारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने DMRC के 32वें स्थापना दिवस पर फेज-5 (बी) के तहत सात नए कॉरिडोर की घोषणा की है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपये है। इससे दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी 97 किलोमीटर और बढ़ेगी, जिसमें कुल 65 नए स्टेशन शामिल होंगे। इनमें से चार जरूरी कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी निर्देश और स्वदेशी निर्माण पर जोर
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने सभी मेट्रो निगमों को निर्देश दिया था कि पीएसडी की खरीद में कम से कम 75% निर्माण भारत में होना चाहिए। इसी दिशा में DMRC ने भारतीय कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) मांगी है। साथ ही DMRC और BEML लिमिटेड ने भी स्वदेशी टनल बोरिंग मशीनों और प्रणोदन प्रणालियों के विकास के लिए हाथ मिलाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) कहां लगाए जाएंगे?
ये डोर दिल्ली मेट्रो के आगामी चौथे और पांचवें चरण के स्टेशनों पर लगाए जाएंगे। भूमिगत स्टेशनों पर फुल-हाइट और एलिवेटेड स्टेशनों पर हाफ-हाइट पीएसडी लगाए जाएंगे।
मेट्रो फेज-5 (बी) विस्तार की क्या योजना है?
फेज-5 (बी) के तहत 7 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे मेट्रो नेटवर्क 97 किलोमीटर बढ़ेगा और 65 नए स्टेशन जुड़ेंगे। इसकी कुल लागत लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये होगी।