Delhi: दिल्ली मेट्रो अब अपने आने वाले नए कॉरिडोर में ‘मेक इन इंडिया’ प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) लगाने जा रही है। इसके लिए DMRC ने भारतीय कंपनियों से रुचि दिखाने के लिए आवेदन मांगे हैं। इस कदम से न केवल स्था
Delhi: दिल्ली मेट्रो अब अपने आने वाले नए कॉरिडोर में ‘मेक इन इंडिया’ प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) लगाने जा रही है। इसके लिए DMRC ने भारतीय कंपनियों से रुचि दिखाने के लिए आवेदन मांगे हैं। इस कदम से न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा भी और बेहतर होगी।
मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और नया प्लान क्या है?
दिल्ली सरकार ने मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए फेज V(B) को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 7 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो कुल 97.158 किलोमीटर लंबे होंगे और इनमें 65 नए स्टेशन शामिल होंगे। इस पूरे विस्तार पर करीब 48,204.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इसका मकसद दिल्ली के बाहरी और उभरते इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इनमें से 4 कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्क्रीन डोर कहाँ और कैसे लगेंगे?
केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब मेट्रो के लिए खरीदे जाने वाले स्क्रीन डोर में कम से कम 75% मैन्युफैक्चरिंग भारत में होनी चाहिए। DMRC ने इसके लिए भारतीय कंपनियों को आमंत्रित किया है।
- अंडरग्राउंड स्टेशन: यहाँ फुल-हाइट (पूरी ऊंचाई वाले) स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे।
- एलिवेटेड स्टेशन: यहाँ हाफ-हाइट (आधी ऊंचाई वाले) स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो के 303 स्टेशनों में से 83 पर हाफ-स्क्रीन और 8 पर फुल-स्क्रीन डोर लगे हैं। अब फेज IV और V के सभी स्टेशनों पर इन्हें लगाने की योजना है।
सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी हैं ये दरवाजे?
प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर यात्रियों को पटरी पर गिरने से बचाते हैं और स्टेशनों पर भीड़ को मैनेज करने में मदद करते हैं। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और मजेंटा लाइन के कुछ हिस्सों में ये पहले से मौजूद हैं। पिंक और मजेंटा लाइन, जो ड्राइवरलेस हैं, वहां भी इन दरवाजों का इस्तेमाल हो रहा है। अब नए कॉरिडोर में इन्हें पूरी तरह से भारतीय कंपनियों के जरिए तैयार करवाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फेज V(B) विस्तार के तहत कितने नए स्टेशन बनेंगे?
फेज V(B) विस्तार के तहत कुल 7 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें 65 नए स्टेशन शामिल होंगे और यह कुल 97.158 किलोमीटर लंबा नेटवर्क होगा।
Make-in-India स्क्रीन डोर के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?
केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशानुसार, मेट्रो के लिए खरीदे जाने वाले प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) की कम से कम 75% मैन्युफैक्चरिंग भारत में होनी अनिवार्य है।