Delhi Metro का नया तोहफा, लाजपत नगर से साकेत के बीच चलेंगी 3 कोच वाली ट्रेनें, 2029 तक काम पूरा होगा
Delhi: दिल्ली मेट्रो के यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है। लाजपत नगर से साकेत G Block के बीच एक नया कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जो कई मायनों में अब तक की मेट्रो लाइनों से अलग होगा। इस लाइन की सबसे खास बात यह है कि यहां बड़े क
Delhi: दिल्ली मेट्रो के यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है। लाजपत नगर से साकेत G Block के बीच एक नया कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जो कई मायनों में अब तक की मेट्रो लाइनों से अलग होगा। इस लाइन की सबसे खास बात यह है कि यहां बड़े कोच के बजाय सिर्फ 3 कोच वाली छोटी ट्रेनें चलेंगी, जिससे कम दूरी का सफर आसान और तेज हो जाएगा।
यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज (Phase-IV) का हिस्सा है और इसे गोल्डन लाइन (Line 11) के नाम से जाना जा रहा है। कुल 8.38 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 8 स्टेशन बनेंगे, जिनमें से 7 स्टेशन जमीन से ऊपर यानी एलिवेटेड होंगे। DMRC ने इसे खास तौर पर शहर के भीतर कम दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया है। इन स्टेशनों के प्लेटफॉर्म की लंबाई भी 74 मीटर रखी गई है ताकि 3 कोच वाली ट्रेनें यहां आसानी से रुक सकें।
इस नई लाइन से जुड़ी जरूरी जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| कुल लंबाई | 8.38 किलोमीटर | |
| कुल स्टेशन | 8 (7 एलिवेटेड) | |
| ट्रेन का आकार | 3 कोच (लगभग 900 यात्री प्रति ट्रिप) | |
| मुख्य स्टेशन | लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, GK-1, चिराग दिल्ली, पुष्पा भवन, साकेत कोर्ट, पुष्प विहार, साकेत G Block | |
| पूरा होने का लक्ष्य | जून 2029 | |
| फंडिंग पार्टनर | JICA (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) |
लाजपत नगर स्टेशन अब एक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा, जहां यात्री पिंक लाइन, वायलेट लाइन और नई गोल्डन लाइन के बीच आसानी से बदल सकेंगे। इसी तरह चिराग दिल्ली स्टेशन को मैजेंटा लाइन से और साकेत G Block को मुख्य गोल्डन लाइन से जोड़ा जाएगा। DMRC के मुताबिक, शुरुआत में यहां रोजाना 60,000 से 80,000 लोग सफर करेंगे, जो आने वाले समय में बढ़कर 1.20 लाख तक पहुंच सकते हैं।
इस प्रोजेक्ट का काम दिसंबर 2025 के आसपास शुरू हुआ था और साकेत के पुष्पा भवन के पास पहला टेस्ट पाइल लगाया गया था। फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) इसके मुख्य ठेकेदार के रूप में काम कर रहे हैं।