Delhi में इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक बनेगा नया अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर, 10 नए स्टेशन और सफर होगा आसान
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और भी आसान होने वाला है। इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक एक नया अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इस नए रूट से दिल्ली के कई इल
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और भी आसान होने वाला है। इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक एक नया अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इस नए रूट से दिल्ली के कई इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 9 जुलाई 2026 को हुई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन साइट पर डायफ्राम वॉल का काम शुरू करवाकर इसका आगाज किया। इस कॉरिडोर को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले इसे ग्रीन लाइन का विस्तार माना जा रहा था, लेकिन फरवरी 2026 में यह तय किया गया कि इसे मैजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में लागू किया जाएगा।
यह पूरा कॉरिडोर 12.377 किलोमीटर लंबा होगा और पूरी तरह से जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड बनेगा। इस विस्तार के बाद मैजेंटा लाइन (लाइन-8) दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सबसे लंबी कॉरिडोर बन जाएगी, जिसकी कुल लंबाई बोटैनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक लगभग 89 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि पूरी मैजेंटा लाइन अब ड्राइवरलेस मेट्रो के रूप में काम करेगी।
| कुल लंबाई | 12.377 किलोमीटर (अंडरग्राउंड) |
|---|---|
| कुल स्टेशन | 10 नए स्टेशन |
| स्टेशनों के नाम | इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, झंडेवालन मंदिर, नबी करीम, न्यू दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ |
| इंटरचेंज सुविधा | 7 मौजूदा मेट्रो लाइनों के साथ जुड़ाव |
| पूरा होने का समय | दिसंबर 2030 |
इस नए रूट से सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली सचिवालय, अरुण जेटली स्टेडियम, झंडेवालन मंदिर, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे महत्वपूर्ण इलाकों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। DMRC के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि यह विस्तार मैजेंटा लाइन को सबसे लंबा और पूरी तरह ड्राइवरलेस कॉरिडोर बनाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।