Delhi: दिल्ली वालों के लिए मेट्रो का सफर अब और आसान होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में Golden Line और Magenta Line के नए सेक्शन शुरू हो
Delhi: दिल्ली वालों के लिए मेट्रो का सफर अब और आसान होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में Golden Line और Magenta Line के नए सेक्शन शुरू होंगे, जिससे लाखों यात्रियों का समय बचेगा और सड़कों पर जाम की समस्या कम होगी।
नई लाइनों और कॉरिडोर का क्या है प्लान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पिंक लाइन के मजलिस पार्क से मौजपुर-बबर्बर और मजेंटा लाइन के दीपाली चौक से मजलिस पार्क सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। ये प्रोजेक्ट 18,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बने हैं। इसके अलावा फेज 5A के तहत तीन नए कॉरिडोर की नींव भी रखी जाएगी, जिसमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर शामिल है।
Golden Line और Magenta Line से क्या होगा फायदा
Golden Line अब सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दक्षिण दिल्ली से जोड़ेगी। इसका मुख्य हिस्सा 29.785 किलोमीटर लंबा होगा जिसमें 19 स्टेशन होंगे। वहीं मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह DMRC के नेटवर्क की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। इससे नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव से आने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
| प्रोजेक्ट/लाइन |
खास जानकारी |
संभावित समय/लागत |
| Golden Line |
एयरोसिटी से T1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज विस्तार |
2026-2028 |
| Magenta Line |
आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ विस्तार |
फेज 5A (2028 तक) |
| Pink Line |
मजलिस पार्क से मौजपुर-बबर्बर (रिंग मेट्रो) |
जून 2026 तक चालू |
| Phase 4 |
कुल लंबाई 112.42 किमी |
लागत ₹24,948.65 करोड़ |
| Phase 5A |
तीन नए कॉरिडोर का निर्माण |
लागत ₹12,014 करोड़ |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Golden Line किन इलाकों को जोड़ेगी?
Golden Line दक्षिण दिल्ली को सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगी। इसके विस्तार में तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से टर्मिनल-1 तक की कनेक्टिविटी शामिल है।
फेज 5A के तहत कौन से नए काम शुरू हो रहे हैं?
फेज 5A के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, गोल्डन लाइन का विस्तार और मजेंटा लाइन के विस्तार पर काम होगा, जिसका लक्ष्य 2028 तक पूरा करना है।