Delhi Metro की गोल्डन लाइन का विस्तार, कालिंदी कुंज और तुगलकाबाद के बीच 10 मिनट में तय होगी दूरी
Delhi: दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन का विस्तार होने जा रहा है, जिससे एनसीआर के लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा। 3.9 किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर से मैजेंटा और वॉयलेट लाइन आपस में जुड़ जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के
Delhi: दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन का विस्तार होने जा रहा है, जिससे एनसीआर के लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा। 3.9 किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर से मैजेंटा और वॉयलेट लाइन आपस में जुड़ जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक की दूरी मात्र 10 से 12 मिनट में तय की जा सकेगी।
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2026 को आधारशिला रखी थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) इस कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है, जिसे फेज 5A परियोजना के तहत बनाया जा रहा है। इस काम में लगभग 1024.8 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर 2028 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।
इस नए रूट पर कुल 4 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से तीन स्टेशन जमीन से ऊपर (Elevated) होंगे और तुगलकाबाद स्टेशन को जमीन के नीचे (Underground) बनाया जाएगा। इस विस्तार से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो नोएडा और फरीदाबाद के बीच यात्रा करते हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 3.9 किलोमीटर |
| कुल स्टेशन | 4 (सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज, तुगलकाबाद) |
| इंटरचेंज स्टेशन | कालिंदी कुंज (मैजेंटा लाइन) और तुगलकाबाद (वॉयलेट लाइन) |
| अनुमानित लागत | 1024.8 करोड़ रुपये |
| पूरा होने का समय | 2028 के अंत तक |
| मुख्य लाभ | नोएडा और फरीदाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिविटी |
मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नए कॉरिडोर से यमुना रिवरफ्रंट वाले इलाकों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी।