Delhi Metro में भारी हंगामा, कई स्टेशन बंद होने से यात्री परेशान, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को Cockroach Janta Party (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के कारण भारी हंगामा हुआ। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद कर दिए गए, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी

Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को Cockroach Janta Party (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के कारण भारी हंगामा हुआ। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद कर दिए गए, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि कुछ यात्री बंद गेटों और बैरिकेड्स को फांदकर बाहर निकलते नजर आए।

DMRC ने सुरक्षा के मद्देनजर राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा था। इन स्टेशनों के बंद होने से ऑफिस जाने वाले और आम यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और उन्हें दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, दिन ढलने के साथ राजीव चौक और सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट के इंटरचेंज और गेट दोबारा खोल दिए गए, जबकि सेवा तीर्थ स्टेशन पर सेवाएं सामान्य हो गईं।

दूसरी तरफ, संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। दिल्ली पुलिस और RAF ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और शास्त्री भवन के पास आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस के मुताबिक, इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इलाके में BNSS की धारा 163 (पुराना धारा 144) लागू थी, जिसके तहत पांच या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक थी।

इस विरोध प्रदर्शन में AAP नेता मनीष सिसोदिया, आतिशी मार्लेना और संजय सिंह भी पुलिस बैरिकेड्स फांदकर प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने भी मार्च में हिस्सा लिया और लोगों को संबोधित किया। हंगामे के बाद दिल्ली के कुछ केंद्रीय इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।

मामले को सुलझाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रंका से मुलाकात की। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।