Delhi-Meerut Expressway पर लेन मार्किंग और स्पीड बोर्ड की कमी, सफर करने वालों की जान को खतरा

Delhi/Ghaziabad : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक्सप्रेसवे पर लेन मार्किंग न होने की वजह से ड्राइवरों को काफी परेशानी हो रही है, जो हादसों का बड़ा कारण बन सकता है। हाल

Delhi/Ghaziabad : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक्सप्रेसवे पर लेन मार्किंग न होने की वजह से ड्राइवरों को काफी परेशानी हो रही है, जो हादसों का बड़ा कारण बन सकता है। हालांकि रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कुछ स्पीड रडार लगाए गए हैं, लेकिन चालकों को पहले से सावधान करने वाले स्पीड डिस्प्ले बोर्ड नजर नहीं आ रहे हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर हालात काफी चिंताजनक रहे हैं। गाजियाबाद में साल 2025 के पहले 11 महीनों में हादसों में 95 फीसदी और मौतों में 19 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका एक बड़ा कारण एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स से ट्रैफिक पुलिस का हटना बताया गया। ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और अवैध पार्किंग की वजह से यहाँ जान-माल का नुकसान बढ़ रहा है।

NHAI ने सुरक्षा सुधारने के लिए 18 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके तहत 15 किलोमीटर के हिस्से में फेंसिंग की जाएगी, नए साइनबोर्ड लगाए जाएंगे और अंडरपास पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर लगाए जाएंगे। साथ ही, मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर ट्रैफिक बूथ भी बनाए जाएंगे।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने फरवरी 2025 से नए नियम लागू किए हैं। अब एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर हर 10 किलोमीटर पर सड़क पर ही स्पीड लिमिट और व्हीकल लोगो पेंट करना जरूरी है। साथ ही हर 5 किलोमीटर पर स्पीड लिमिट, नो पार्किंग और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद NHAI ने यूपी गेट से दसना के बीच 20 किलोमीटर के दायरे में 110 अवैध एक्सेस पॉइंट्स की पहचान की है। इन अवैध रास्तों की वजह से भी एक्सप्रेसवे पर खतरा बढ़ जाता है। NHAI ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किया है और निर्देश दिया है कि अगर वे इन्हें नहीं हटाते तो प्रशासन इन्हें ढहा देगा।

रफ्तार की बात करें तो दिल्ली में स्पीड लिमिट 70 किमी/घंटा, गाजियाबाद में 100 किमी/घंटा और दसना से मेरठ के बीच 120 किमी/घंटा तय की गई है। ट्रैफिक कंट्रोल के लिए यहाँ 143 कैमरे और 28 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे नियम तोड़ने वालों के ई-चालान काटे जा रहे हैं।