Delhi में 700 करोड़ का मेडिकल घोटाला, दो और आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में हुए करीब 700 करोड़ रुपये के कथित मेडिकल घोटाले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इस मामले में दो और आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। Anti-Corruption Branch (ACB)

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में हुए करीब 700 करोड़ रुपये के कथित मेडिकल घोटाले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इस मामले में दो और आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। Anti-Corruption Branch (ACB) के मुताबिक जांच अभी शुरुआती दौर में है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी।

यह पूरा मामला Central Procurement Agency (CPA) में मेडिकल उपकरणों और सामान की खरीद में हुई गड़बड़ी से जुड़ा है। मई 2026 में विजिलेंस विभाग ने CPA के दफ्तरों में छापेमारी की थी, जिसके बाद 2 जून 2026 को ACB ने FIR दर्ज की। जांच में सामने आया कि सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया और टेंडर की शर्तों को इस तरह बदला गया कि सिर्फ खास कंपनियों को फायदा मिले और असली प्रतिस्पर्धी बाहर हो जाएं।

इस घोटाले में अब तक कई बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जून महीने में ही पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा, पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया गया था। उपराज्यपाल तरुणजीत सिंह संधू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डॉ. वत्सला अग्रवाल को सस्पेंड भी कर दिया है।

जांच में पता चला है कि सामान की कीमतें बाजार से कई गुना ज्यादा बढ़ाकर दिखाई गईं। कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

सामान का नाम बाजार कीमत (लगभग) घोटाले में दर्ज कीमत
पोर्टेबल X-ray मशीन 10 लाख रुपये 33 लाख रुपये
C-arm उपकरण 25 लाख रुपये 1.10 करोड़ रुपये
हॉस्पिटल लिनन 150 रुपये 450 रुपये
ORS सैशे 2.5 रुपये 15 रुपये

ACB चीफ विक्रमजीत सिंह ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया में हेरफेर किया गया और फर्जी कंपनियां (Shell Firms) बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। जांच एजेंसी को शक है कि अस्पतालों की जरूरत से कहीं ज्यादा सामान खरीदा गया। फिलहाल 10 सरकारी अधिकारियों और आधा दर्जन से ज्यादा ठेकेदारों से पूछताछ की जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कही है, वहीं इस मुद्दे पर AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी चल रहे हैं।