Delhi मेडिकल खरीद घोटाले में पूर्व DGHS और DCA गिरफ्तार, 700 करोड़ तक के नुकसान का अनुमान

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व DCA नीरज चोपड़ा को गिरफ्ता

Delhi: दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व DCA नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन्होंने मिलकर टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी की, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी है।

इस पूरे घोटाले में सरकार को करीब 350 करोड़ से 700 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है। जांच में सामने आया है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेड शीट और ORS जैसी जरूरी चीजों की खरीद में 200% से 500% तक की कीमतों बढ़ाई गई थीं। अधिकारियों ने जानबूझकर टेंडर की शर्तें ऐसी बनाई थीं जिससे असली सप्लायर बाहर हो जाएं और उनके पसंदीदा लोग ही ऑर्डर जीत सकें।

इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा से पहले 18 जून को CPA के पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह भी पता चला कि राजीव रंगिला नाम के एक व्यक्ति ने कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जैसे F Med Devices और Technocrats, जिनके जरिए यह पूरा खेल खेला गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर लिया है। ED ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से सभी खरीद रिकॉर्ड मांगे हैं। ACB चीफ विक्रमजीत सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने जानबूझकर नियमों को ताक पर रखकर सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया। इस गड़बड़ी के बाद सरकार ने पांच फार्मासिस्ट और दो CPA अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया है।