Delhi मेडिकल उपकरण खरीद घोटाला: ED ने CPA से मांगे रिकॉर्ड, 650 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज
Delhi: दिल्ली में मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले की जांच अब और गहरी हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है और केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) से जरूरी रिकॉर्ड मांगे हैं
Delhi: दिल्ली में मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले की जांच अब और गहरी हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है और केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) से जरूरी रिकॉर्ड मांगे हैं। यह पूरा मामला करीब 600 से 650 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी पैसों की हेराफेरी का संदेह है।
पहले इस मामले की जांच दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) कर रही थी। जांच अधिकारियों को शक है कि कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर टेंडर की शर्तें बदली गईं, ताकि दूसरे प्रतिस्पर्धियों को बाहर रखा जा सके। अब ED ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) और CPA को पत्र लिखकर निविदा प्रक्रियाओं, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, अनुबंध आवंटन और भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे हैं।
इस मामले में अब तक कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। घटनाक्रम की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 19 जून, 2026 | ACB ने CPA के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार कर 4 दिन की हिरासत में लिया |
| 23 जून, 2026 | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर जांच तेज हुई; डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा के खिलाफ FIR दर्ज |
| 24 जून, 2026 | ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की और DGHS से रिकॉर्ड मांगे |
| 25 जून, 2026 | ED ने 600-650 करोड़ रुपये के घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया |
| 26 जून, 2026 | ED ने CPA से विस्तृत रिकॉर्ड और दस्तावेजों की मांग की |
इस घोटाले में तत्कालीन महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. वत्सला अग्रवाल और उप नियंत्रक लेखा नीरज चोपड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उपराज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ED अब उन कंपनियों, निर्माताओं और वितरकों की लिस्ट खंगाल रही है जिन्हें गलत तरीके से कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे।