Delhi में सरकारी EV गाड़ियां बनीं शोपीस, MCD पार्किंग में धूल खा रही हैं करोड़ों की कारें

Delhi: एक तरफ सरकार आम लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम (MCD) के मुख्यालय की पार्किंग में करोड़ों रुपये की EV कारें बेकार खड़ी हैं। इन गाड़ियों

Delhi: एक तरफ सरकार आम लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम (MCD) के मुख्यालय की पार्किंग में करोड़ों रुपये की EV कारें बेकार खड़ी हैं। इन गाड़ियों में Tata और Mahindra की इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं, जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुई हैं और अब धूल खा रही हैं।

ये 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां साल 2018 में तत्कालीन दक्षिण दिल्ली नगर निगम द्वारा Energy Efficiency Services Limited (EESL) से ली गई थीं। वसंत कुंज के पार्षद जगमोहन मेहलावत ने MCD की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इन गाड़ियों के बेकार पड़े होने पर चिंता जताई थी। सूत्रों का कहना है कि तकनीकी खराबी की वजह से कई कारें चलने लायक नहीं रहीं और उन्हें ठीक करना अब बहुत महंगा सौदा होगा।

MCD मेयर प्रवेष वाही ने इस मामले को स्वीकार किया है और कहा है कि यह विषय उनके संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि ज्यादा खर्च होने के कारण इन कारों का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया गया था, लेकिन जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल MCD इन 75 बेकार हो चुकी गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

इस बीच दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2026 से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 लागू कर दी है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद प्रदूषण घटाना और EV को बढ़ावा देना है। इसके तहत 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट दी जाएगी।

नई पॉलिसी के मुताबिक 31 दिसंबर 2027 तक MCD, NDMC और अन्य सरकारी विभागों को अपने पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक में बदलना होगा। इसके अलावा 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन होगा और 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा।

इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। AAP नेता अंकुश नारंग ने BJP के नेतृत्व वाले पुराने MCD पर हमला बोलते हुए कहा कि यह जनता के पैसे की बड़ी बर्बादी है। वहीं MCD अब अपनी पार्किंग्स, मेट्रो स्टेशनों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के पास बड़े EV चार्जिंग हब बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जहां बैटरी स्वैपिंग और 25 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स की सुविधा होगी।