Delhi में टोल टैक्स चोरी करने वालों की बढ़ेगी मुश्किल, MCD लागू करेगा बिना बैरियर वाला नया सिस्टम

Delhi: दिल्ली की सीमाओं पर अब टोल टैक्स देना आसान होगा लेकिन टैक्स चोरी करना महंगा पड़ेगा। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने टोल टैक्स नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है, जिससे अब दिल्ली में एंट्री के समय गाड़ियों

Delhi: दिल्ली की सीमाओं पर अब टोल टैक्स देना आसान होगा लेकिन टैक्स चोरी करना महंगा पड़ेगा। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने टोल टैक्स नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है, जिससे अब दिल्ली में एंट्री के समय गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा। यह नया सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा जिससे जाम की समस्या कम होगी और टैक्स वसूली पारदर्शी बनेगी।

MCD हाउस ने गुरुवार, 25 जून 2026 को दिल्ली नगर निगम (टोल-टैक्स) उप-नियम 2007 में संशोधन के प्रस्ताव को पास किया। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद उठाया गया है जिसमें अक्टूबर तक सभी टोल पॉइंट्स पर Multi-Lane Free Flow (MLFF) सिस्टम लगाने की सलाह दी गई थी। इस सिस्टम में RFID, ANPR कैमरे और FASTag का इस्तेमाल होगा, जिससे गाड़ियां बिना रुके आगे बढ़ सकेंगी और टोल अपने आप कट जाएगा।

टैक्स चोरी करने वाले कमर्शियल वाहनों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई गाड़ी बिना टैक्स दिए दिल्ली में घुसती है, तो इसे गलत तरीके से प्रवेश माना जाएगा। ऐसे वाहन मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा और 72 घंटे के भीतर बकाया राशि जमा करनी होगी। अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो डिजिटल वारंट जारी किया जाएगा।

नियम/स्थिति जुर्माना और कार्रवाई
पकड़े जाने पर तुरंत जुर्माना बकाया टोल टैक्स के साथ 5 गुना पेनल्टी
नोटिस के बाद भुगतान न करना डिजिटल वारंट ऑफ डिस्ट्रेस जारी होगा
लगातार टैक्स चोरी वाहन ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है
बकाया वसूली के तरीके वाहन या संपत्ति की जब्ती और नीलामी

MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि इस बदलाव से टैक्स चोरी को पकड़ना आसान होगा और डिजिटल नोटिस के जरिए वसूली की जा सकेगी। अब यह प्रस्ताव दिल्ली सरकार के पास भेजा जाएगा। MCD ने इस पूरे सिस्टम को डिजाइन और चलाने के लिए एजेंसी चुनने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसकी बिडिंग 30 जून तक पूरी होने की उम्मीद है।

इस नई व्यवस्था का लक्ष्य दिल्ली के करीब 154 बॉर्डर एंट्री पॉइंट्स को बैरियर-मुक्त बनाना है। अक्टूबर 2026 तक NH-9 कॉरिडोर समेत 20 मुख्य टोल लोकेशन पर इसे चालू करने की योजना है, ताकि सर्दियों के प्रदूषण सीजन से पहले ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। बाकी जगहों पर यह सिस्टम दिसंबर 2026 तक लागू हो जाएगा।