Delhi के बॉर्डरों पर MCD के टोल सिस्टम से लग रहा भारी जाम, ऑफिस जाने वालों की बढ़ी मुसीबत

Delhi: राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों पर इन दिनों ट्रैफिक जाम की समस्या बहुत बढ़ गई है। इसका सबसे बड़ा कारण एमसीडी (MCD) का पुराना मैनुअल टोल वसूली सिस्टम है। इस अव्यवस्था की वजह से ऑफिस जाने वाले लोगों और ट्रक ड्राइवरों को

Delhi: राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों पर इन दिनों ट्रैफिक जाम की समस्या बहुत बढ़ गई है। इसका सबसे बड़ा कारण एमसीडी (MCD) का पुराना मैनुअल टोल वसूली सिस्टम है। इस अव्यवस्था की वजह से ऑफिस जाने वाले लोगों और ट्रक ड्राइवरों को हर दिन घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गाजीपुर बॉर्डर पर आरएफआईडी (RFID) कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए टोल कर्मचारी खुद ऐप में गाड़ी का नंबर डालते हैं। इसमें एक गाड़ी में 30 से 40 सेकंड लग रहे हैं। वहीं डीएनडी फ्लाईवे पर कर्मचारी तीनों लेन घेरकर खड़े हो जाते हैं और नकद या ऐप से टोल लेते हैं, जिससे सुबह आधा किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। रजोकरी बॉर्डर पर भी मिक्स टोल वसूली की वजह से गाड़ियां रेंग रही हैं। सबसे खराब स्थिति कालिंदी कुंज रोड की है, जहां संकरी सड़क पर कर्मचारी बीच में खड़े होकर टोल वसूलते हैं, जिससे एक किलोमीटर तक जाम लग जाता है।

ट्रैफिक पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एमसीडी को पत्र लिखकर सात टोल प्लाजा को हटाने या शिफ्ट करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों की कमी और गलत तरीके से टोल वसूली जाम की मुख्य वजह है।

इस समस्या को खत्म करने के लिए एमसीडी ने 26 जून 2026 को नए नियमों को मंजूरी दी है। अब दिल्ली में ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम लाया जाएगा, जिससे गाड़ियां बिना रुके निकल सकेंगी। इसमें आरएफआईडी रीडर और फास्टैग का इस्तेमाल होगा। एमसीडी का लक्ष्य है कि अक्टूबर तक 20 मुख्य टोल प्लाजा को पूरी तरह ऑटोमैटिक कर दिया जाए और दिसंबर 2026 तक सभी जगह यह सिस्टम लागू हो जाए।

नए नियमों में टोल चोरी करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। टोल न भरने पर पांच गुना जुर्माना लगेगा। वाहन मालिकों को 72 घंटे में डिजिटल नोटिस भेजा जाएगा और भुगतान न करने पर डिजिटल वारंट जारी कर गाड़ी जब्त की जा सकती है या उसकी नीलामी हो सकती है।