Delhi के टोल नाकों पर लागू होगा नया सिस्टम, नियम तोड़ने पर लगेगा 5 गुना जुर्माना

Delhi: दिल्ली में टोल टैक्स चोरी रोकने और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) एक नया सिस्टम लाने जा रहा है। इसके तहत टोल टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिन्हें MCD सदन ने मंजूरी दे दी है।

Delhi: दिल्ली में टोल टैक्स चोरी रोकने और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) एक नया सिस्टम लाने जा रहा है। इसके तहत टोल टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिन्हें MCD सदन ने मंजूरी दे दी है। यह पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लागू की जा रही है, जिससे आने वाले समय में टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें खत्म हो जाएंगी।

नई व्यवस्था के तहत राजधानी के सभी 156 टोल प्लाजा और एंट्री पॉइंट्स पर ‘बैरियर-रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम’ (MLFS) विकसित किया जाएगा। इसमें FASTag और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि गाड़ियों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा और टैक्स अपने आप कट जाएगा। MCD कमिश्नर संजीव खिरवार द्वारा तैयार इस प्रस्ताव को मेयर प्रवेश वाही ने स्वीकृत किया है। लक्ष्य यह है कि दिसंबर 2026 तक प्रमुख टोल नाकों से बैरियर हटा दिए जाएं, जिसके लिए एजेंसी चुनने की प्रक्रिया 30 जून 2026 तक पूरी होगी।

नियमों में सख्ती बरतते हुए जुर्माने की राशि भी बढ़ाई गई है। अगर कोई गाड़ी चालक खराब या ऐसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करता है जिसे पढ़ा न जा सके, या फिर टोल स्टाफ के साथ बदतमीजी करता है, तो उसे सामान्य टोल शुल्क का 5 गुना तक जुर्माना भरना होगा। पहले यह जुर्माना अधिकतम 500 रुपये था।

वाहन श्रेणी अधिकतम टोल दर
6-पहिया ट्रक 400 रुपये
10-पहिया ट्रक 800 रुपये
4-6 एक्सल और 7+ एक्सल भारी ट्रक 2,000 रुपये

टोल का भुगतान न करने वालों के खिलाफ अब डिजिटल नोटिस भेजा जाएगा। अगर नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर पैसे जमा नहीं किए गए, तो वसूली की कार्रवाई होगी, जिसमें गाड़ी जब्त करना या संपत्ति की नीलामी करना भी शामिल है। साथ ही, कमर्शियल गाड़ियों के लिए मूल टोल दरों में हर साल 5% तक की बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है। इस सिस्टम में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, LIDAR और RADAR सेंसर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग होगा ताकि प्रदूषण और जाम कम हो सके।