Delhi MCD में खाली पदों के कारण रुके कई प्रोजेक्ट, स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव टले

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में खाली पदों को भरने में हो रही देरी की वजह से शहर के कई जरूरी काम अटक गए हैं। खासकर स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव नहीं होने से कई नागरिक प्रोजेक्ट और पैसों से जुड़े फैसले अधर में लटके हुए हैं, ज

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में खाली पदों को भरने में हो रही देरी की वजह से शहर के कई जरूरी काम अटक गए हैं। खासकर स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव नहीं होने से कई नागरिक प्रोजेक्ट और पैसों से जुड़े फैसले अधर में लटके हुए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, 17 जून 2026 तक MCD की स्टैंडिंग कमेटी में चुनाव नहीं होने की वजह से करीब 70 नागरिक प्रस्ताव और वित्तीय निर्णय रुके हुए हैं। वार्ड कमेटियों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और स्टैंडिंग कमेटी की छह खाली सीटों के लिए 3 जून 2026 को चुनाव होने थे, लेकिन MCD ने बिना कोई कारण बताए इन्हें अगले आदेश तक रद्द कर दिया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ये चुनाव जून के आखिर तक दोबारा कराए जा सकते हैं।

इस मामले पर राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है। MCD में विपक्ष के नेता Ankush Narang ने आरोप लगाया कि चुनाव टालने में DMC एक्ट की धारा 53(2) का पालन नहीं किया गया, क्योंकि वार्ड कमेटी की तारीख बदलने के लिए चेयरमैन की मंजूरी जरूरी होती है। वहीं, BJP के राजपाल सिंह ने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी के बिना बजट और फंड से जुड़े काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। AAP पार्षद प्रवीण राजपूत ने भी कहा कि इस देरी से निगम के कामकाज में काफी दिक्कत आ रही है।

स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने आश्वासन दिया है कि 10 से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने की कोशिश होगी और जरूरी कामों को अग्रिम मंजूरी के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक सहमति न बन पाने के कारण चुनाव टले हैं।

आम जनता और कर्मचारियों पर इसका असर इस तरह दिख रहा है:

  • 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के किसी भी प्रोजेक्ट के लिए स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी जरूरी है, जो फिलहाल नहीं मिल पा रही है।
  • लगभग 3,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर जैसे डेटा एंट्री ऑपरेटर और माली की सेवाओं को 45-दिन के छोटे विस्तार (extension) के जरिए चालू रखा गया है, ताकि 5 करोड़ की लिमिट पार न हो और काम चलता रहे।
  • बजट से जुड़ी कई योजनाएं और फंड का आवंटन रुका हुआ है।

दूसरी तरफ, 8 जून 2026 को चुनाव आयोग ने मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के चुनाव के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है।