Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड और साकेत के पास एक बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद MCD और दिल्ली सर
Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड और साकेत के पास एक बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद MCD और दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर सीलिंग और बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में दुकानों और इमारतों को सील किया जा रहा है।
किन इलाकों में हो रही है कार्रवाई और क्या हैं नियम
MCD ने गुरुवार, 4 जून 2026 से दक्षिण जोन में नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू की। यह अभियान मालवीय नगर, हौज़ रानी, साकेत, महरौली, हौज़ खास विलेज और पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने महरौली और साकेत जैसे इलाकों में उन इमारतों को टारगेट किया है जो G+3 (ग्राउंड प्लस तीन मंजिल) से ज्यादा ऊंची हैं। इसके अलावा दिल्ली भर में उन हाई-रिस्क बिल्डिंग्स का सर्वे किया जा रहा है जो G+5 से ज्यादा ऊंची हैं या जिनमें बेसमेंट में कमर्शियल काम हो रहा है।
अधिकारियों ने क्या कहा और क्यों हुई यह कार्रवाई
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने 3 जून 2026 को साफ किया कि जिन इमारतों के पास फायर सेफ्टी और जरूरी परमिशन नहीं है, उन्हें सील कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सोशल मीडिया पर निर्देश दिए कि अवैध निर्माण और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। मालवीय नगर अग्निकांड की जांच में पाया गया कि एक Bed and Breakfast सुविधा 6 कमरों की अनुमति के बावजूद 25 कमरे चला रही थी और वहां बिना स्वीकृत नक्शे के काम हो रहा था। अब जिला मजिस्ट्रेट, MCD कमिश्नर, पुलिस और फायर ऑफिसर की संयुक्त कमेटियां इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं।
हौज़ रानी और अन्य क्षेत्रों में क्या स्थिति है
हौज़ रानी इलाके में अधिकारियों ने 32 संदिग्ध इमारतों की पहचान की है, जिनमें से 12 Bed and Breakfast चलाने वाले संस्थान बताए जा रहे हैं। इन सभी को तीन दिन का नोटिस दिया गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि यह सर्वे चरणों में चलेगा ताकि सभी अनधिकृत कमर्शियल प्रॉपर्टीज की पहचान कर उन्हें सील किया जा सके। दिल्ली पुलिस इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में सीलिंग और बुलडोजर कार्रवाई क्यों शुरू हुई
3 जून 2026 को मालवीय नगर में हुए अग्निकांड और 30 मई को साकेत के पास बिल्डिंग गिरने की घटनाओं के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई है, ताकि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली अवैध इमारतों को हटाया जा सके।
किन इमारतों पर सबसे ज्यादा खतरा है
विशेष रूप से उन इमारतों पर कार्रवाई हो रही है जो G+3 से ज्यादा ऊंची हैं, जिनमें फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है, या जो बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के कमर्शियल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रही हैं।